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Alwar Export News: अलवर के उद्योगों पर इजराइल-ईरान युद्ध का असर, अमेरिका-यूरोप के ऑर्डर रुके; 80 करोड़ का एक्सपोर्ट अटका

Iran Israel War Effect: इजरायइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अलवर के उद्योगों पर पड़ने लगा है। अमरीका व यूरोप से मिलने वाले ऑर्डर रुक गए हैं।

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Mar 08, 2026
Alwar Industrial Area
अलवर औद्योगिक क्षेत्र। फोटो: पत्रिका

अलवर। इजरायइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर अलवर के उद्योगों पर पड़ने लगा है। अमरीका व यूरोप से मिलने वाले ऑर्डर रुक गए हैं। जो ऑर्डर मिले थे, उन्हें भी फिलहाल भेजने से मना कर दिया गया है। उद्योगपतियों को डर है कि अगर युद्ध लंबा चला तो वे अपना माल कहां भेजेंगे। हर महीने अलवर के एमआइए से करीब 80 करोड़ रुपए से ज्यादा का माल इन जगहों पर एक्सपोर्ट किया जाता है।

अलवर में करीब 10 से 15 यूनिट ऐसी हैं, जहां से अमरीका व यूरोप में स्टील और बेयरिंग भेजा जाता है, लेकिन युद्ध होते ही सबसे पहले इंश्योरेंस कंपनियों में दरें बढ़ा दी है। अब इंश्योरेंस के लिए 10 प्रतिशत तक ज्यादा पैसा देना होगा। यही नहीं जो शिपमेंट यहां से पारस की खाड़ी होते हुए यूरोप जा रहा था, वह अब रेड सी के जरिए भेजने की तैयारी थी, लेकिन किराया 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ने के कारण यूरोपियन कंपनियों ने माल को होल्ड करवा दिया है।

कोबाल्ट, टंगस्टन की दरें भी बढ़ीं

एमआइए स्थित उद्योगों में कोबाल्ट, टंगस्टन प्रयोग होता है, लेकिन इनकी दरों में भी 20 से 25 प्रतिशत की तेजी आई है। गैस बेस्ड इंडस्ट्री में प्रोपेन गैस यूज होती है। इंडियन ऑयल, भारत व हिन्दुस्तान पेट्रोलियम ने इसकी दरें उसमें 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ा दी है। इससे भी उत्पादन महंगा हो गया है।

रूट बदलने की वजह से किराया और इंश्योरेंस महंगा

युद्ध का असर उद्योगों पर पड़ने लगा है। एमआइए के करीब 15 उद्योगों से बेयरिंग व अन्य सामान यूरोप भेजा जाता था, लेकिन रूट बदलने की वजह से किराया और इंश्योरेंस दोनों बढ़ गए है, जिसकी वजह से फिलहाल माल को नहीं भेजा जा रहा है। अगर युद्ध लंबा चला तो परेशानी बढ़ेगी।
-मनोज गुप्ता, अध्यक्ष, मत्स्य उद्योग संघ

Published on:
08 Mar 2026 09:43 am