
जयपुर के जालूपूरा इलाके में रविवार-सोमवार दरम्यानी आधी रात को उस समय अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया, जब एक बिजली के बड़े ट्रांसफॉर्मर में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि ट्रांसफॉर्मर से लगातार तेज धमाकों की आवाजें आ रही थीं, जिसे देखकर आसपास के लोगों के बीच हड़कंप का माहौल बन गया। इस गंभीर आपातकालीन स्थिति की सूचना मिलते ही जालूपूरा SHO हवा सिंह तुरंत पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद स्थानीय नागरिकों, पुलिस प्रशासन और दमकल विभाग की गाड़ियों ने मिलकर लगभग आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इस भीषण आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया। समय रहते की गई इस त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ा और दर्दनाक हादसा होने से टल गया, जिससे स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली।
स्थानीय चश्मदीदों से मिली जानकारी के अनुसार, अचानक बिजली के खंभे पर लगे ट्रांसफॉर्मर में एक शॉर्ट सर्किट हुआ। इसके तुरंत बाद ट्रांसफॉर्मर से चिंगारियां निकलने लगीं और देखते ही देखते उसने आग का रूप ले लिया। काफी देर तक ट्रांसफॉर्मर के भीतर से तेज धमाकों की आवाजें आती रहीं, जिससे पूरी गली में सन्नाटा और डर पसर गया।
रास्ते से गुजर रहे राहगीरों और स्थानीय युवाओं ने इस घटना के वीडियो अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर लिए, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
घटना स्थल पर पहुंचे जालूपूरा थाना पुलिस के अधिकारियों ने कानून व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिजली विभाग के कंट्रोल रूम को फोन कर पूरे इलाके की बिजली सप्लाई बंद करवाया, जिससे आग को अन्य बिजली के तारों और खंभों में फैलने से रोका जा सका।
जालूपूरा की इस घटना ने एक बार फिर जयपुर के परकोटे और पुराने रिहायशी इलाकों में बिजली के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि 2026 की इस उमस और गर्मी के मौसम में बिजली की खपत अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गई है, जिसके कारण पुराने ट्रांसफॉर्मरों पर लोड बढ़ जाता है।
जनता ने डिस्कॉम से मांग की है कि रिहायशी इलाकों के बीच लगे सभी ट्रांसफॉर्मरों की तुरंत तकनीकी चेकिंग करवाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।