Sariska Elevated Road: सरिस्का टाइगर रिजर्व से गुजरने वाले एलिवेटेड रोड की नई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) के लिए पीडब्ल्यूडी एनएच ने टेंडर आमंत्रित करके कंसल्टेंट एजेंसी का चयन किया है।
Rajasthan New Elevated Road: अलवर। सरिस्का टाइगर रिजर्व से गुजरने वाले एलिवेटेड रोड की नई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) के लिए पीडब्ल्यूडी एनएच ने टेंडर आमंत्रित करके कंसल्टेंट एजेंसी का चयन किया है। यह एजेंसी 6 माह में डीपीआर तैयार करेगी। नई डीपीआर में इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि वन्यजीवों को लाभ मिले और बजट भी कम खर्च हो। यह प्रोजेक्ट चार साल से हवा में झूल रहा है।
रिस्का एलिवेटेड रोड के लिए दो साल पहले डीपीआर बनाई गई थी, लेकिन उसका बजट 2 हजार करोड़ से अधिक का हो गया। साथ ही कई खामियां भी सामने आई थी। जिसके चलते केंद्र सरकार ने यह वापस लौटा दी। इसके बाद एलिवेटेड के रूट को लेकर मंथन किया गया।
एक साल में रूट तय हुआ और उसके मुताबिक अब पीडब्ल्यूडी एनएच ने नई डीपीआर के लिए एजेंसी का चयन किया है। माना जा रहा है कि नई डीपीआर पहली डीपीआर से करीब 1 हजार करोड़ सस्ती होगी। यानि 2 हजार करोड़ की बजाय यह रोड करीब 1 हजार करोड़ के आसपास ही बनकर तैयार हो जाएगा। विदेशी तकनीक का भी प्रयोग करने की तैयारी है।
सरिस्का में बनने वाला एलिवेटेड रोड रोड 40 किमी लंबा होगा। यह रोड अलवर के नटनी का बारां से शुरू होकर थानागाजी के थैंक्यू बोर्ड तक बनेगा। एलिवेटेड रोड बनने के बाद अलवर से थानागाजी होकर जयपुर पहुंचने में 45 मिनट कम लगेंगे। यानी पौने चार घंटे का सफर मात्र 3 घंटे में पूरा होगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एलिवेटेड रोड पर काम हो रहा है। यह प्रस्ताव चार साल से चला आ रहा है, लेकिन धरातल पर अब तक नहीं आ पाया है। लेकिन, माना जा रहा है कि नई डीपीआर बनने और मंजूरी के बाद सरिस्का एलिवेटेड रोड का काम रफ्तार पकड़ेगा। इस रोड का मुख्य उद्देश्य सरिस्का के वन्यजीवों की दुर्घटनाओं से हो रही मौतों को रोकना है। साथ ही जयपुर-अलवर का सफर आसान हो जाएगा।
सरिस्का एलिवेटेड की नई डीपीआर के लिए टेंडर करके एजेंसी का चयन कर लिया गया है। इस पर काम शुरू हो गया है। जैसे ही काम पूरा होगा, तो इसे उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।
-वेद प्रकाश शर्मा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी एनएच