अलवर

काली मोरी अंडरपास के लिए रेलवे ने फाइनल कर दी ब्लॉक की तारीख, इस दिन सुबह 10 से रात 8 बजे तक ट्रेनें रहेंगी प्रभावित

Kali Mori Underpass: राजस्थान के अलवर शहर में काली मोरी अंडरपास के लिए रेलवे ने ब्लॉक की तिथि 10 मई फाइनल कर दी है। इस दिन सुबह 10 से रात 8 बजे तक ब्लॉक रहेगा। इस दौरान यहां से गुजरने वाली ट्रेनें प्रभावित रहेंगी।

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May 07, 2026
काली मोरी अंडरपास के लिए चल रहा काम। फोटो: पत्रिका

अलवर। राजस्थान के अलवर शहर में काली मोरी अंडरपास के लिए रेलवे ने ब्लॉक की तिथि 10 मई फाइनल कर दी है। इस दिन सुबह 10 से रात 8 बजे तक ब्लॉक रहेगा। इस दौरान यहां से गुजरने वाली ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। विकल्प के आधार पर इन्हें दूसरे रूट से जगह से निकाला जाएगा। पीडब्ल्यूडी ने काम तेज कर दिया है। बड़ी मशीनों के जरिए बॉक्स लाए गए हैं और खुदाई की जा रही है।

यह अंडरपास काफी समय से अटका हुआ था। क्योंकि रेलवे का ब्लॉक नहीं मिल पा रहा था और दूसरा, पटरी पार एरिया में खातेदारी की जमीन बाधा बनी हुई थी। पीडब्ल्यूडी ने एक मई से इसका काम शुरू कर दिया। बुधवार को यहां बड़ी मशीनें लाई गई और बॉक्स खड़े किए गए। पटरी पार एरिया में खुदाई की गई है। पीडब्ल्यूडी ने एहतियातन काली मोरी वाला मार्ग करीब 500 मीटर तक वन-वे कर दिया है। ऐसे में लोग आराम से निकलें।

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अंडरपास के काम की तैयारी जोर-शोर पर

पिछले कई दिनों से अंडरपास के काम की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। अंडरपास में लगने वाले सीमेंट के ब्लॉक बनकर तैयार हैं, जिनको रेलवे ट्रैक के पास रख दिया है और दोनों तरफ लोहे के बड़े गटर लगा दिए गए हैं। अब 10 मई को युद्ध स्तर पर काम कर 8 घंटे में 3 मीटर गहरा अंडरपास तैयार कर वापस ट्रेनों का संचालन सुचारू किया जाएगा। इसके बाद दोनों तरफ यू आकार में बन रहे अंडरपास के शेष काम को पूरा किया जाएगा।

4.47 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगा कालीमोरी अंडरपास

कालीमोरी फाटक पर आरयूबी के निर्माण के लिए पहले 3 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी। कार्य शुरू होने के बाद रेलवे, पीडब्ल्यूडी व बिजली निगम ने निर्माण कार्य के लिए 1.47 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि की मांग की थी। अब कालीमोरी अंडरपास 4.47 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगा।

ऐसे लाया गया था प्रस्ताव

ईटाराणा ओवरब्रिज व इसके आसपास कुछ हादसे पटरी पर हुए। इसको देखते हुए पीडब्ल्यूडी की ओर से काली मोरी पर अंडरपास बनाए जाने को लेकर निर्णय लिया गया था। दिसंबर 2022 में प्रस्ताव बना। पटरी के उस पार बिजली निगम का कार्यालय है। कई कंपनियां हैं और कोङ्क्षचग सेंटर भी संचालित हो रहे हैं। सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज भी बना है। हर दिन सैकड़ों छात्रों का पटरी पार कर आना-जाना होता है। क्योंकि ईटाराणा ओवरब्रिज से घूमकर आने में छात्रों को 15 मिनट तक लगते हैं और पटरी पार करने में तीन से चार मिनट लगते हैं।

इनका कहना है

रेलवे से 10 मई के लिए ब्लॉक मिल गया है। बांदीकुई से खैरथल के बीच कई जगह काम होना है। इसमें कालीमोरी अंडरपास भी शामिल है। इसी दिन 50 फीसदी कार्य पूरा हो जाएगा।
-अल्का व्यास, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी

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