
अलवर. कठूमर क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दारोदा की जमीन पर करीब दस दिन पहले शव दफनाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने विरोध जताया है। ग्रामीणों की शिकायत पर सीबीईओ की ओर से स्कूल प्रशासन से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई। प्रधानाचार्य ने रिपोर्ट में बताया कि स्कूल की जमीन पर पहले से बने कब्रिस्तान के पास ही करीब दस दिन पहले मुर्दा दफन किया गया। मौके पर दो छोटे पत्थर भी गड़े हुए हैं। इस स्कूल के नाम कलक्टर की ओर से वर्ष 1999 में 7 बीघा 15 बिस्वा जमीन आवंटित की गई थी। इसी जमीन पर स्कूल प्रशासन की ओर से दो कमरों का निर्माण कराया गया। स्कूल की जमीन के संबंध में ग्राम पंचायत की ओर से एनओसी भी दी गई थी। उल्लेखनीय हैं कि माध्यमिक शिक्षा विभाग, बीकानेर की ओर से सरकारी स्कूलों की जमीन पर अतिक्रमण होने की स्थिति में उसे हटाने के आदेश जारी किए हुए हैं। निदेशालय स्तर पर प्रत्येक माह के प्रथम सोमवार को इसकी समीक्षा करने का भी प्रावधान है।
स्कूल की आवंटित जमीन पर दो कमरों का निर्माण करीब तीन साल पहले कराया गया था। ग्रामीणों के अनुसार, अभी तक इन कमरों में कक्षाएं शुरू नहीं की गई हैं। लंबे समय से उपयोग नहीं होने के कारण भवन की स्थिति भी खराब होने लगी है। ग्रामीणों ने भवन को उपयोग में लेने और स्कूल की जमीन को सुरक्षित रखने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्कूल की जमीन और भवन को लेकर जिला कलक्टर, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को कई बार ज्ञापन दिए हैं। ग्रामीणों ने स्कूल के आसपास की जमीन की सफाई भी की है।
अभी तक स्कूल के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच करवाई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी।
- मनोज शर्मा, डीईओ माध्यमिक, अलवर
प्रधानाचार्य की रिपोर्ट के अनुसार स्कूल की जमीन पर पहले से कब्रिस्तान बना हुआ है। यहां कोई पक्का निर्माण नहीं है। उसी स्थान के पास मुर्दे को दफन किया गया है। कब्रिस्तान के लिए ग्रामीण शिविरों में जमीन की मांग कर रहे हैं। मौके पर दो छोटे पत्थर गड़े हुए हैं।
-आरएस डागुर, सीबीईओ, कठूमर।