
केदारनाथ धाम की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। बाबा केदारनाथ धाम धर्मार्थ ट्रस्ट, अलवर की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर केदारनाथ मार्ग स्थित खुमेरा गांव में धर्मशाला का निर्माण कराया जा रहा है। ट्रस्ट के चेयरमैन सुरेश गुप्ता (हुंडई वाले) ने बताया कि यह धर्मशाला गुप्तकाशी से करीब 5 किलोमीटर पहले सोन प्रयाग मार्ग पर बनाई जा रही है। खास बात यह है कि ऋषिकेश से केदारनाथ की यात्रा के दौरान यह पूरे मार्ग की पहली धर्मशाला होगी।
धर्मशाला में यात्रियों की सुविधा के लिए करीब 25 कमरे और 3 बड़े हॉल बनाए जा रहे हैं, जहां श्रद्धालुओं को ठहरने की बेहतर व्यवस्था मिलेगी। निर्माण कार्य ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी झावरमल यादव के नेतृत्व में कराया जा रहा है। ट्रस्ट के अनुसार धर्मशाला का निर्माण वर्ष 2021 में शुरू हुआ था। अब इसका काम अंतिम चरण में है और लक्ष्य है कि वर्ष 2027 की केदारनाथ यात्रा शुरू होने से पहले इसे पूरी तरह तैयार कर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाए। धर्मशाला बनने से हर साल केदारनाथ जाने वाले हजारों यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक ठहराव का लाभ मिलेगा।
ट्रस्ट के सचिव नारायण बाजारगान ने बताया कि अभी तक केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को इस क्षेत्र में ठहरने के लिए महंगे होटलों का सहारा लेना पड़ता है। कई श्रद्धालु पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिलने पर खुले में रात बिताने को भी मजबूर हो जाते हैं। धर्मशाला बनने के बाद अलवर ही नहीं, बल्कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी किफायती और सुविधाजनक ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए ऐसी कोई धर्मशाला नहीं है।
कोषाध्यक्ष आरपी महावर ने बताया कि यह चार मंजिला धर्मशाला ऊंचाई वाले स्थान पर बनाई जा रही है। इसमें 100 से 150 श्रद्धालु आसानी से ठहर सकेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट ने वर्ष 2020 में यहां महंगे दामों पर जमीन खरीदी थी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया। धर्मशाला के निर्माण पर लगभग 4 से 5 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। 30 अगस्त को लेंटर डलने के बाद एक मंजिल का काम पूरा हो जाएगा। गौरतलब है कि प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिनमें अलवर के श्रद्धालुओं की भी बड़ी संख्या शामिल होती है।