
खैरथल शहर में रविवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। खैरथल-हरसोली सड़क मार्ग पर सेटेलाइट अस्पताल के पास अवैध पत्थरों से भरे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने सवारियों से भरे ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए।
जानकारी के अनुसार हादसा रविवार सुबह करीब पांच बजे हुआ। ई-रिक्शा खैरथल से किरवारी की ओर सवारियां लेकर जा रहा था। इसी दौरान सामने से आए अवैध खनन सामग्री से भरे ट्रैक्टर ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि ई-रिक्शा का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि ई-रिक्शा में सवार सभी यात्रियों को केवल मामूली चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों की मदद की और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। यदि टक्कर कुछ और तेज होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
हादसे की चपेट में सड़क किनारे लगा वार्ड संख्या 5 के पार्षद जयदीप राणा का बोर्ड भी आ गया, जो पूरी तरह टूट गया। दुर्घटना के बाद आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर नाराजगी जताई और अवैध खनन सामग्री से भरे वाहनों की बेलगाम आवाजाही पर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर रोजाना अवैध पत्थरों से भरे ट्रैक्टर तेज गति से गुजरते हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि इसी सड़क पर जिला पुलिस अधीक्षक का कार्यालय भी स्थित है, इसके बावजूद ऐसे वाहन बिना किसी रोक-टोक के निकलते रहते हैं। लोगों का कहना है कि सुबह-शाम स्कूल जाने वाले बच्चों, राहगीरों और अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा लगातार खतरे में बनी रहती है।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध खनन सामग्री ढोने वाले ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों पर नियमित निगरानी रखी जाए। साथ ही तेज रफ्तार और नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर अवैध खनन और उससे जुड़े वाहनों की आवाजाही को लेकर प्रशासन की सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।