अलवर। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से शुक्रवार को जारी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में अलवर, बहरोड़-कोटपूतली और खैरथल-तिजारा जिले के युवाओं ने सफलता हासिल कर अपना, परिवार का और अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। तिजारा के बिनोलिया गांव निवासी बादल यादव ने अपने दूसरे प्रयास में परीक्षा […]
अलवर। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से शुक्रवार को जारी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में अलवर, बहरोड़-कोटपूतली और खैरथल-तिजारा जिले के युवाओं ने सफलता हासिल कर अपना, परिवार का और अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। तिजारा के बिनोलिया गांव निवासी बादल यादव ने अपने दूसरे प्रयास में परीक्षा पास करते हुए 635वीं रैंक हासिल की है।
बादल के पिता सतीश यादव शिक्षक थे, जिनकी 14 साल पहले सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनकी मां नीलम यादव ने एलडीसी की नौकरी करते हुए बच्चों की परवरिश की और बादल को अच्छी शिक्षा दिलाई। वर्तमान में नीलम यादव तिजारा पंचायत समिति में क्लर्क के पद पर कार्यरत है। बेटे की इस सफलता से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
माजरीकलां क्षेत्र के डवानी गांव निवासी तरुण यादव ने 49वीं रैंक हासिल की है। पंचायतीराज शिक्षक संघ के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर सिंह यादव ने बताया कि तरुण यादव ने दिल्ली आइआइटी से कम्प्यूटर साइंस से आइआइटी की है। तरुण ने आइआइटी करने के बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी की और प्रथम प्रयास में 203वीं रैंक हासिल की थी। वर्तमान में वे आइपीएस का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
तरुण ने दूसरे प्रयास में मे 49वीं रैंक हासिल की है। तरुण के पिता नीमराणा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में गणित के व्याख्याता हैं और मां डवानी राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं। तरुण ने बताया कि वर्ष 2020 में कम्प्यूटर साइंस से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करने के प्रतिष्ठित कम्पनियों में नौकरी करते हुए सिविल सर्विस की तैयारी की। जॉब करते हुए परीक्षा की तैयारी करना थोड़ा कठिन रहा, लेकिन टाइम मैनेजमेंट की बदौलत यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने ग्रामीण युवाओं से ऊंचे सपने देखने और पूरी निष्ठा और समर्पण भाव से अपने लक्ष्य के प्रति केंद्रित होने को कहा।
कोटकासिम क्षेत्र के गांव पालपुर की ढाणी निवासी देवेंद्र लांबा पुत्र राकेश लांबा ने 70वीं रैंक प्राप्त की है। देवेंद्र की इस उपलब्धि की सूचना मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया।
मुंडावर के समीपवर्ती ग्राम उलाहेड़ी निवासी जसवंत यादव के पुत्र आर्यन यादव ने 31वीं रैंक हासिल की है। आर्यन के चाचा सुरेंद्र यादव खैरथल तिजारा में एडीएम के पद पर रह चुके हैं। आर्यन का भाई अमित भी आइएएस अधिकारी है। वहां दिल्ली में तैनात है। दूसरे भाई भी आइएएस है, वह पर्यावरण मंत्रालय में तैनात है। परिवार में अन्य सदस्य गणपतराम यादव भी आइएएस रह चुके हैं।
संभागीय आयुक्त रहे दिनेश यादव भी इनके परिवार से हैं। आर्यन के दादा दुर्गा प्रसाद यादव उलाहेड़ी ग्राम पंचायत में तीन बार सरपंच रह चुके है। कोटकासिम के इकरोटिया गांव निवासी नीतीश यादव पुत्र जसवंत सिंह यादव ने भी 237वीं रैंक प्राप्त की है। नीतीश के पिता किसान हैं और उनके पास करीब दो से ढाई बीघा जमीन है। सीमित संसाधनों के बावजूद नीतीश ने कठिन परिश्रम और लगन से यह मुकाम हासिल किया।
वहीं, अलवर शहर के बुद्ध विहार विस्तार स्थित पत्रकार कॉलोनी निवासी कुनिका सिंह ने संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा में 342वीं रैंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। कुनिका की सफलता की खबर सामने आई, लोगों का उनके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। उनका ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया गया।
कुनिका सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि वो संयुक्त परिवार में रहती है, इसलिए पढ़ाई का तनाव कभी हावी नहीं हुआ। उन्होंने युवाओं को भी संदेश दिया कि अगर लगन और मेहनत के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ा जाए तो सफलता जरूर मिलती है। कुनिका के पिता महेंद्र सिंह चौहान फिजिक्स के वरिष्ठ व्याख्याता और माता अंजली कुशवाह गृहिणी हैं। ये जगता बसई पड़ीसल के रहने वाले हैं।
बानसूर क्षेत्र के गांव नांगल भाव सिंह निवासी निशांत कुमार पुत्र स्वर्गीय गैंदाराम ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता हासिल की है। सामान्य कृषक परिवार में जन्मे निशांत कुमार ने ऑल इंडिया 899वीं रैंक प्राप्त की हैं। निशांत महज दो साल के थे। तो उनके पिता का देहांत हो गया था। ऐसे में परिवार पर आर्थिक और सामाजिक जिम्मेदारियों का बोझ आ गया, लेकिन इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद निशांत ने यह सफलता हासिल की।
निशांत सात भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। परिणाम घोषित हुआ, उस समय निशांत खेत में सरसों की कटाई में व्यस्त थे। जैसे ही सफलता की खबर मिली, परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। बेटे की सफलता मां ने कहा कि बेटे ने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है। निशांत कुमार ने सफलता का श्रेय अपनी मां और गुरुजनों को दिया है।