अलवर

अलवर में LKG छात्र की मौत: 20 बच्चों से भरे टैंपो में झटका लगते ही सड़क पर गिरा मासूम, पिता करते हैं रंगाई-पुताई का काम

अलवर के रैणी में स्कूली बच्चों से भरे टैंपो से गिरने पर एलकेजी छात्र दक्षित कोली (5) की मौत हो गई। टैंपो में करीब 20 बच्चे सवार थे। झटका लगते ही मासूम सड़क पर गिर पड़ा। हादसे के बाद ओवरलोडिंग और निजी स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ गए।
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Jul 28, 2026
Alwar School Van Accident
मृतक छात्र और टैंपो जिसमें सवार थे स्कूली बच्चे (पत्रिका फोटो)

Alwar School Van Accident: रैणी (अलवर): स्कूली बच्चों से भरे एक टैंपो में सवार एलकेजी के छात्र दीक्षित कोली (5) की टैंपो से गिरकर मौत हो गई। हादसा बाजोली रोड पर सोमवार दोपहर करीब दो बजे हुआ। मृतक दीक्षित कोली रैणी कस्बे के रामपुरा मार्ग स्थित सनराइज इंटरनेशनल स्कूल का छात्र था। सोमवार को स्कूल की छुट्टी होने के बाद वह टैंपो से अपने गांव जा रहा था। टैंपो में करीब 20 बच्चे सवार थे। यह टैंपो बाजोली गांव की तरफ जा रहा था। तभी अचानक टैंपो में बैठा छात्र दीक्षित कोली झटका लगने से उछलकर टैंपो से नीचे गिर गया और लहूलुहान हो गया।

बता दें कि ग्रामीणों की मदद से उसे रैणी के अस्पताल में पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जयपुर रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही दीक्षित कोली की मौत हो गई। मृतक छात्र के पिता प्रमोद कोली मकानों की रंगाई-पुताई का काम करते हैं। रैणी एसडीएम हरकेश मीणा का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। सभी स्कूली वाहनों की जांच करवाई जाएगी। थाना प्रभारी बने सिंह का कहना है कि अभी थाने में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।

टैंपो को ही बना दिया बाल वाहिनी, क्या सो रहा है प्रशासन?

इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है। पूरे क्षेत्र में निजी स्कूल संचालक मनमानी कर रहे हैं। बाल वाहिनी (स्कूल बस) को लेकर नियम-कानूनों की पालना नहीं हो रही। कुछ स्कूल संचालकों ने तो टैंपो को ही बाल वाहिनी बना रखा है। शिक्षा विभाग और परिवहन विभाग के अधिकारी भी मिलीभगत के चलते ऐसे स्कूल संचालकों पर कार्रवाई नहीं करते।

ग्रामीणों का कहना है कि रैणी कस्बा सहित आसपास के क्षेत्र में संचालित निजी विद्यालयों में बिना फिटनेस के अवधिपार तिपहिया और चौपहिया वाहन छोटे बच्चों को भरकर दिनभर दौड़ते नजर आते हैं। दूसरे वाहनों से आगे निकलने की होड़ मचती है।

इनमें से अधिकतर वाहन एसडीएम कार्यालय और रैणी पुलिस थाने के आगे से निकलते हैं, लेकिन इन पर किसी की नजर नहीं जाती। ग्रामीण समय-समय पर इन वाहनों को बंद करने की मांग उठाते रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की जाती है। ऐसे वाहनों को लेकर सोशल मीडिया पर भी आवाज उठती रही है।

क्षमता से चार गुना अधिक बच्चे

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस टैंपो में छात्र दीक्षित कोली सवार था, उस टैंपो में क्षमता से चार गुना अधिक बच्चे सवार थे। टैंपो की हालत भी जर्जर बताई गई है। इस टैंपो से प्रतिदिन बच्चों को स्कूल ले जाया जाता है और फिर इसी से उनके घरों तक छोड़ा जाता है।

Updated on:
28 Jul 2026 11:53 am
Published on:
28 Jul 2026 11:53 am