अलवर

सरिस्का से सटे गांवों में चिकित्सा विभाग सक्रिय, डेंगू, मलेरिया व स्क्रब टायफस की रोकथाम को कर रहे स्प्रे

प्रशासन अभी से बरत रहा सतर्कता, लोगों को भी किया जा रहा जागरूक -गांव-गांव जाकर घरों में कर रहे डीडीटी का छिड़काव

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Jun 26, 2025

अकबरपुर. बारिश का दौर शुरू होते ही मौसमी व मच्छर जनित बीमारियों से निपटने के लिए चिकित्सा विभाग सक्रिय हो गया है। इसी के तहत सरिस्का से सटे गांवों में डेंगू, मलेरिया जैसी रोगों की रोकथाम के लिए स्प्रे कराया जा रहा है।अकबरपुर सीएचसी के अंतर्गत सरिस्का क्षेत्र में बसे गांवों में बरसात के मौसम में मच्छर जनित बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। मौसमी बीमारी की रोकथाम के लिए चिकित्सा विभाग तैयारी में जुट गया है। अभी से सतर्कता बरती जा रही है। सरिस्का के पहाड़ी क्षेत्र में बारिश के समय पानी भराव होने से मच्छर जनित बीमारी का प्रकोप ज्यादा रहता है। मच्छरों से लार्वा फैलने से बीमारी का प्रकोप रहता है।

कूलर को रखे साफचिकित्सा प्रशासन का कहना है कि बरसात का सीजन प्रारंभ हो गया है। ऐसे में मलेरिया, डेंगू, स्क्रब टाइफस जैसी बीमारी की रोकथाम के लिए गांव-गांव जाकर घरों में डीडीटी का छिड़काव किया जा रहा है। एएनएम, आशा घर-घर जाकर स्लाइड भी ले रही हैं। ग्रामीणों को आसपास पानी एकत्रित नहीं होने के लिए सलाह दी जा रही है। कूलर के पानी को साफ करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। क्षेत्र में जहां घरों के आसपास पानी एकत्रित हो रहा है, उसमें एमएलओ और टैमीफोस दवा का छिड़काव किया जा रहा है। जिससे कि मलेरिया डेंगू, स्क्रब टायफस के लार्वा उत्पन्न ना हो और बीमारी पर रोकथाम लग सके। मलेरिया लार्वा साफ पानी में फैलता है और स्क्रब टायफस घरों में पानी एकत्रित होता है उसमें फैलता है।इन गांवों में कर रहे जागरूक

अकबरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में सरिस्का से लगते अति संवेदनशील गांव बेरा, काली खोल, कालाछारा, इंदौक, कुशालगढ़, माधोगढ़ आदि गांवों में सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।जिन गांवों में पहाड़ों से बारिश का पानी भर जाता ह, उस पानी में लार्वा जल्दी उत्पन्न होता है। सीएमएचओ के आदेश के अनुसार अकबरपुर और कुशालगढ़ में डीडीटी का स्प्रे करवाया जा रहा है।

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स्लाइड लेकर केंद्र पर जांच की जा रही

बरसात का मौसम शुरू हो गया है। इस मौसम में बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। जिसे देखते हुए एएनएम एवं आशाओं को सतर्क कर दिया है। वे घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं, जो भी बुखार का मरीज हैं, उनकी स्लाइड लेकर केंद्र पर जांच की जा रही है। जहां भी पानी भरा है, उसमें दवा का छिड़काव किया जा रहा है।डॉ. जितेंद्र यादव, प्रभारी सीएचसी, अकबरपुर।

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मलेरिया के लिए अति संवेदनशील

यह क्षेत्र सरिस्का में आता है। मलेरिया के लिए अति संवेदनशील है। इस क्षेत्र में प्लानिंग बनाकर स्प्रे किया जा रहा है। जिसमें अगले 3 महीने लगातार कार्य चलेगा।लोकेश मीणा, बीसीएमओ, मालाखेड़ा।

Published on:
26 Jun 2025 12:20 am
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