
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 16 अगस्त को अलवर दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे सरस डेयरी परिसर स्थित मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। दौरे के दौरान शाह सैकड़ों करोड़ रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। उनके कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन और भाजपा संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने मंगलवार को सरस डेयरी के सभागार में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सभा स्थल, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात, पेयजल, बिजली, चिकित्सा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके बाद मंत्री ने अधिकारियों के साथ सभा स्थल और अन्य स्थानों का निरीक्षण भी किया। दौरे के दौरान अमित शाह सरस डेयरी में 3 लाख लीटर क्षमता वाले नए डेयरी संयंत्र का शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा जिले में प्रस्तावित कई अन्य विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी उनके हाथों कराया जाएगा। कार्यक्रम को प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जनसभा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा अलवर सांसद भूपेंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में आसपास के जिलों से भी लोगों के पहुंचने की तैयारी की जा रही है।
तैयारी बैठक में सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सांगवान, जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर, भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता, जिलाध्यक्ष महासिंह चौधरी, क्रय-विक्रय सहकारी संघ के अध्यक्ष संजय नरुका, अलवर जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला, पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष योजना तैयार की जा रही है। वीआईपी मूवमेंट, ट्रैफिक डायवर्जन, पार्किंग और आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अधिकारियों को समय रहते सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कार्यक्रम का आयोजन सुचारु रूप से हो सके। अमित शाह का यह दौरा राजनीतिक और विकास दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर सरस डेयरी में नए संयंत्र की आधारशिला रखे जाने से दुग्ध उत्पादन और डेयरी क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।