अलवर

Inspirational Story: बी-टेक करने के बाद अभिजीत ने शुरू की इस पौधे की खेती, एक बार उगने पर 5 साल होती है कमाई

Motivational Story: परम्परागत खेती को छोड़कर अब किसान खेती में नवाचार कर रहा है। इस नवाचार से किसानों को मोटी आमदनी हो रही है। साथ ही, नई पीढ़ी का भी खेती-किसानी की तरफ रुख हुआ है। यह नई पीढ़ी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के साथ ही हाईटैक भी ही है और खेतों में नित नए प्रयोग कर रही है।

2 min read
Mar 14, 2024

Agriculture News: परम्परागत खेती को छोड़कर अब किसान खेती में नवाचार कर रहा है। इस नवाचार से किसानों को मोटी आमदनी हो रही है। साथ ही, नई पीढ़ी का भी खेती-किसानी की तरफ रुख हुआ है। यह नई पीढ़ी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के साथ ही हाईटैक भी ही है और खेतों में नित नए प्रयोग कर रही है। ऐसा ही एक उन्नत किसान है अलवर निवासी अभिजीत गुप्ता, जिसने बीटेक यानि इंजीनियरिंग करने के बाद खेती का पेशा चुना और आज डच गुलाब की खेती करके सालाना लाखों रुपए कमा रहा है। जिले में अब तक पॉलीहाऊस में विभिन्न प्रकार की सब्जी उगाई जा रही है, लेकिन अभिजीत ने इसमें डच गुलाब की पैदावार करके सबको चौंकाया है। कंम्प्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करने के बाद उसने खेती में नवाचार की ठानी। पुश्तैनी खेती को छोडक़र खेती में कुछ बदलाव करने के लिए उन्होंने डच गुलाब की खेती करने का फैसला किया। हालांकि गुप्ता का परिवार खेती-बड़ी से कोई तालुक नहीं रखता है।

80 लाख रुपए आया खर्च, अब लाखों रुपए कमाई
इस उन्नत किसान ने डच गुलाब की खेती सिलीसेढ़ बख्तपुरा गांव में की। उसने खेत में 80 लाख की लागत से डेढ़ एकड में पॉलीहाऊस बनाया। अब डच गुलाब की खेती से हर साल 12 से 14 लाख की कमाई हो रही है। अब अभिजीत का प्लान औषधि और मसालों की खेती में नवाचार है।
यह भी पढ़ें : Motivational Story: 10 दिन के इस फ्री कोर्स ने बदल दी भारत की ज़िंदगी, इस बिज़नेस को शुरू कर अब हर महीने कमा रहा 60 हजार रुपए


कम पानी में अधिक पैदावार, पांच रंगों के गुलाब लगाए
डच गुलाब के पौधे पॉलीहाऊस में एक बार लगाने के बाद पांच साल तक पैदावार देगी। डच गुलाब के पौधे 100 से 120 दिन में फूल देना शुरू कर देते हैं। हालांकि पौधों की सार-संभाल ज्यादा करनी पड़ती है। वर्तमान में पॉलीहाऊस में डच गुलाब के 5 रंगों की खेती की जा रही है। इसमें लाल, सफेद, पीला, गुलाबी व दोहरे रंग का गुलाब शामिल है। इसे उगाने के लिए पॉलीहाउस के में करीब 32 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान रखना जरूरी है। इस गुलाब को सजावट के अलावा गुलकंद, गुलाब जल, तेल, सौंदर्य प्रसाधन, साबुन, अगरबत्ती, इत्र, जैम जैली, पेय पदार्थ बनाने में प्रयोग किया जाता है।
यह भी पढ़ें : 1 अप्रैल से इन लोगों की होगी बल्ले-बल्ले, राज्य सरकार मानदेय में करेगी 10 फीसदी की बढ़ोतरी

किसानों को पॉलीहाऊस में सब्जी के अलावा फूलों की खेती भी करनी चाहिए। क्योंकि अलवर और दिल्ली की दूरी कम होने के कारण वर्षभर फूलों की मांग रहती है। इससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है।
- केएल मीणा, उपनिदेशक उद्यान विभाग ,अलवर

Published on:
14 Mar 2024 02:31 pm
Also Read
View All