अलवर

राजस्थान में 1100 एकड़ जमीन पर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की जगह बनेगा NCR का पहला MRO हब? हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार

Good News: राजस्थान जल्द ही देश के बड़े विमान रखरखाव केंद्रों की सूची में शामिल हो सकता है। अलवर के कोटकासिम में एनसीआर का पहला एमआरओ हब विकसित करने की तैयारी है, जहां दिल्ली, जेवर और जयपुर एयरपोर्ट से जुड़े विमानों की मरम्मत और तकनीकी जांच की जाएगी।
2 min read
May 14, 2026
MRO Hub In Rajasthan
फोटो: AI

NCR First MRO Center In Rajasthan: देश में हवाई जहाजों की मरम्मत और रखरखाव के बड़े केंद्रों की सूची में अब राजस्थान का नाम भी शामिल हो सकता है। अलवर जिले के कोटकासिम क्षेत्र में एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) फैक्टरी स्थापित करने की तैयारी चल रही है। प्रस्तावित यह केंद्र एनसीआर क्षेत्र का पहला बड़ा एमआरओ हब होगा, जहां दिल्ली, जेवर और जयपुर एयरपोर्ट से संचालित विमानों की तकनीकी जांच, रखरखाव और मरम्मत का काम किया जा सकेगा। इससे एयरलाइन कंपनियों को भी बड़ी सुविधा मिलने की संभावना है।

राजस्थान सरकार जल्द ही इस परियोजना का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की तैयारी में है। प्रस्तावित एमआरओ फैक्टरी से क्षेत्र में करीब 8 से 10 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। परियोजना के तहत यहां हवाई पट्टी विकसित करने की योजना भी बनाई जा रही है, ताकि विमानों की आवाजाही और तकनीकी संचालन सुचारु रूप से हो सके।

कोटकासिम में वर्ष 2012-13 के दौरान ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और एयरोसिटी विकसित करने की योजना तैयार की गई थी। इसके लिए करीब 1100 एकड़ जमीन भी चिह्नित की गई थी, लेकिन बाद में यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद एनसीआर क्षेत्र का बड़ा एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित जेवर में विकसित किया गया। अब उसी चिह्नित क्षेत्र में एमआरओ केंद्र स्थापित करने की कवायद शुरू की गई है, जिससे इलाके के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

इस तरह तैयार हुआ प्रस्ताव

केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव की ओर से यह प्रस्ताव मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के समक्ष रखा गया। प्रस्ताव में कहा गया कि एनसीआर में विमानों के रखरखाव और मरम्मत के लिए फिलहाल कोई बड़ा केंद्र नहीं है, इसलिए कोटकासिम उपयुक्त स्थान हो सकता है।

क्या होता है MRO

एमआरओ यानी मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल। यहां विमानों की तकनीकी जांच, मरम्मत और पुर्जों के बदलाव का काम होता है। इन केंद्रों में एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर, तकनीशियन और अन्य विशेषज्ञ कार्य करते हैं।

वर्तमान में देश में हैदराबाद, मुंबई, नागपुर, बेंगलुरु, भुवनेश्वर, कोलकाता, त्रिवेंद्रम और कोचीन में एमआरओ केंद्र संचालित हैं। राजस्थान में किशनगढ़ में भी ऐसा केंद्र विकसित करने की योजना है। वहां जमीन भी आवंटित कर दी गई है।

Updated on:
14 May 2026 12:47 pm
Published on:
14 May 2026 06:47 am