
जिले भर की नगर पालिका व नगर परिषद के सफाई कर्मचारी भर्ती की लॉटरी निकालने पर मंगलवार देर शाम ही असमंजस हो गया। जिले के कई विधायक, सांसद, मंत्री व पार्षदों को लॉटरी में आने का न्योता दे दिया लेकिन नगर परिषद अलवर में देर शाम को हुए हंगामे और कोर्ट के स्टे को लेकर यह असमंजस हो गया कि लॉटरी निकलेगी या नहीं। नगर परिषद अलवर के आयुक्त सहित कई कर्मचारी व अधिकारी भी छुट्टी पर चले गए। आयुक्त नगर परिषद में हुए घटनाक्रम के बाद मेडिकल अवकाश पर चले गए।
लॉटरी निकली तो भी नाम घोषित नहीं होंगे
सभापति अशोक खन्ना ने बताया कि लॉटरी निकाली भी गई तो नाम घोषित नहीं होंगे। नाम घोषित नहीं करने को लेकर कोई स्टे आने की सूचना है। जब नाम ही घोषित नहीं किए जाएंगे तो लॉटरी निकालने का उद्देश्य ही पूरा नहीं होता है। बिना नाम घोषित किए लॉटरी निकाली भी गई तो बाद में आरोप लगने तय हैं।
लॉटरी निकालना कलक्टर पर निर्भर
अब सफाईकर्मी भर्ती की लॉटरी निकालना जिला कलक्टर पर निर्भर है। वैसे भी अलवर के प्रताप ऑडिटोरियम में जिले भर की नगर पालिका व नगर परिषद की लॉटरी निकालना तय हो चुका है। लेकिन एक दिन पहले की उठापटक से असमंजस हो गया है। नगर परिषद के अधिकारी व कर्मचारी भी डरे हुए हैं कि कोई गड़बड़ हुई तो उनका नाम आ सकता है।
सभापति ने कहा मैं भी नहीं जाऊंगा
सभापति अशोक खन्ना ने कहा कि लॉटरी निकाली गई और नाम घोषित नहीं किए गए तो वे नहीं जाएंगे। ऐसी लॉटरी निकालने का मतलब क्या है। बाद में कई तरह के आरोप लगेंगे। इससे अच्छा शामिल ही नहीं हों। अब जिला कलक्टर के स्तर पर तय होना है। वे ही समिति के अध्यक्ष हैं।
आपात बैठक होगी
नगर परिषद के 25 से 30 पार्षदों ने लिखकर सभापति को ज्ञापन दिया है कि आपात बैठक बुलाई जाए। आयुक्त के व्यवहार व अभद्र भाषा को लेकर उनके रोष है। सब निन्दा प्रस्ताव लेने पर अड़े हुए हैं। आयुक्त की गैर मौजूदगी में अब दूसरे प्रभारी अधिकारी के निर्देशन में 48 घण्टे में बैठक बुलाई जा सकती है।