अलवर

Alwar News: ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड: लाखों की धोखाधड़ी करने वाला 2 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार

अलवर पुलिस ने ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों के साथ लाखों रुपए की कथित धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के 2 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह मिंत्रा, फ्लिपकार्ट और ब्लू डार्ट के प्रीपेड शिपमेंट का गलत इस्तेमाल कर गोल्ड कॉइन खरीदता और बाद में रिफंड लेकर कंपनियों को नुकसान पहुंचाता था।
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Aug 04, 2026
online shopping fraud
representative picture (AI)

अलवर जिले के वैशाली नगर थाना पुलिस ने ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों के साथ कथित धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह के 2 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी मिंत्रा, फ्लिपकार्ट और ब्लू डार्ट जैसी कंपनियों के प्रीपेड शिपमेंट का दुरुपयोग कर लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने में शामिल था। मामले में इससे पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को भी निरुद्ध किया गया था।

कंपनियों के साथ धोखाधड़ी

अलवर जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी दयाशंकर (28) पुत्र अमीलाल निवासी फतेहपुरा कलां, थाना सरूण्ड, जिला कोटपूतली-बहरोड़ है। आरोपी की गिरफ्तारी पर 2 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस जांच के अनुसार गिरोह पहले ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म से महंगे प्रीपेड ऑर्डर बुक करता था। इसके बाद उन शिपमेंट का इस्तेमाल गोल्ड कॉइन खरीदने में किया जाता था। आरोप है कि सामान प्राप्त करने के बाद विभिन्न तरीकों से रिफंड भी हासिल कर लिया जाता था, जिससे संबंधित कंपनियों को आर्थिक नुकसान होता था। इसी तरीके से गिरोह लंबे समय से ऑनलाइन कंपनियों के साथ धोखाधड़ी कर रहा था।

चार आरोपियों की गिरफ्तारी

इस मामले की शुरुआत 26 फरवरी 2026 को हुई थी। ब्लू डार्ट एक्सप्रेस लिमिटेड के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑपरेशन योगेश कुमार शर्मा ने वैशाली नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि एक संगठित गिरोह मिंत्रा और फ्लिपकार्ट जैसी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों के उच्च मूल्य के प्रीपेड शिपमेंट प्राप्त कर बाद में रिफंड लेकर धोखाधड़ी कर रहा है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सूचनाओं के आधार पर गिरोह के कई सदस्यों की पहचान की।


अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और एक बाल अपचारी को भी निरुद्ध किया गया है। दयाशंकर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को मामले में और भी अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरोह ने कितनी कंपनियों को निशाना बनाया और कुल कितनी रकम की धोखाधड़ी की गई। पूरी कार्रवाई वैशाली नगर थाना प्रभारी महेश तिवाड़ी के नेतृत्व में की गई। टीम में उपनिरीक्षक गंगाराम के साथ कांस्टेबल मानवेन्द्र, अजीत, पुष्पेन्द्र और शैलेन्द्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।

Updated on:
04 Aug 2026 12:03 pm
Published on:
04 Aug 2026 12:03 pm