Greenfield Expressway: कोटपूतली में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। मुआवजा दरों से नाराज किसान 11 मई को 101 ट्रैक्टर के साथ रैली निकालकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे।
कोटपूतली। क्षेत्र में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना के विरोध में किसानों का आंदोलन अब निर्णायक चरण में पहुंचता नजर आ रहा है। भूमि अधिग्रहण और मुआवजा दरों को लेकर असंतुष्ट किसान आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। किसानों का कहना है कि एक्सप्रेस-वे के लिए उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, लेकिन इसके बदले मिलने वाला मुआवजा पर्याप्त नहीं है। इससे उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ने की आशंका है और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
आंदोलन के तहत 11 मई को सुबह 9 बजे गोनेड़ा गांव से कलक्ट्रेट तक 101 ट्रैक्टरों के साथ रैली निकाली जाएगी। किसान प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों के समाधान की मांग करेंगे। आंदोलन की तैयारियों को लेकर किसान महापंचायत के पदाधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क कर रहे हैं। तहसील अध्यक्ष हर सहाय तंवर के नेतृत्व में टीम लगातार दौरे कर रही है और किसानों को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश बिजारणिया, प्रदेश मंत्री महेश जाखड़ और अन्य पदाधिकारी भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
शनिवार को करवास गांव में किसानों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंदोलन की रणनीति और रैली की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों से अधिक से अधिक संख्या में रैली में शामिल होने का आह्वान किया गया। साथ ही ट्रैक्टरों की संख्या तय करते हुए गांवों के हिसाब से जिम्मेदारियां भी बांटी गईं। बैठक में बीरबल, शीशराम, रामेश्वर, कैलाश चौधरी, मूलचंद, सूबेदार, रोहतास जाट, रामचंद्र बोहरा, वीर सिंह जाट और कृष्णा जाट सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, जयपुर और अजमेर जिले से होकर गुजरेगा। करीब 6000 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से बनने वाला यह मार्ग लगभग 208 किलोमीटर लंबा होगा। सरकार का कहना है कि इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से आवागमन सुगम होगा और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी, लेकिन जमीन अधिग्रहण से प्रभावित अधिकतर किसान मुआवजे और विस्थापन को लेकर असंतोष जता रहे हैं। इसी कारण आंदोलन को लेकर क्षेत्र में माहौल लगातार गर्माता जा रहा है।