
अलवर जिले के पांडुपोल और भर्तृहरि धाम में आयोजित होने वाले लक्खी मेलों को लेकर रोडवेज प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। पांडुपोल मेला 14 से 16 सितंबर तक चलेगा। इसके बाद 17 से 19 सितंबर तक बाबा भर्तृहरि का मेला आयोजित होगा। लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए रोडवेज प्रशासन ने कुल 180 बसों का बेड़ा तैयार किया है। मेला शुरू होते ही पांडुपोल के लिए बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ बसों की संख्या और फेरे बढ़ाए जाएंगे।
मत्स्य नगर आगार के मुख्य प्रबंधक कुलदीप शर्मा के अनुसार, स्थानीय स्तर पर 120 बसें चलेंगी। इनमें से अकेले मत्स्य नगर डिपो से 70 बसें तैनात होंगी, जिनमें 40 अलवर से और 30 सरिस्का गेट से यात्रियों को मिलेंगी। इसके अलावा राजगढ़ और टहला से भी दिन-रात बसें चलेंगी। भीड़ के दबाव को संभालने के लिए कोटपूतली, भरतपुर, तिजारा, लोहागढ़, वैशाली नगर और जयपुर डिपो से 60 अतिरिक्त बसें बुलाई गई हैं।
भर्तृहरि मेले के दौरान केंद्रीय बस स्टैंड अलवर से 50 बसें 24 घंटे फेरे लगाएंगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और जाम से बचाव के लिए भर्तृहरि तिराहा से 500 मीटर पहले और उमरी तिराहा पर अस्थायी बस स्टैंड बनाए गए हैं। तिराहे से आगे निजी वाहनों के जाने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
अलवर से भर्तृहरी और भर्तृहरी से अलवर का किराया 20 रुपए रहेगा।
उमरी तिराहा से भर्तृहरी और भर्तृहरी से उमरी तिराहा के लिए 15 रुपए देने होंगे।
अलवर से उमरी तिराहा और उमरी तिराहा से अलवर का किराया 35 रुपए निर्धारित है।
इसी प्रकार राजगढ़ से उमरी तिराहा और उमरी तिराहा से राजगढ़ का किराया 35 रुपए रहेगा।
सरिस्का से उमरी तिराहा और उमरी तिराहा से सरिस्का के लिए 11 रुपए किराया तय किया गया है।
भर्तृहरि मेले के मुख्य दिनों (17 से 19 सितंबर) में अलवर-जयपुर मार्ग पर कुशालगढ़ से भर्तृहरि के बीच का रास्ता आम यातायात के लिए बंद रहेगा। इस दौरान रोडवेज बसों सहित अन्य सभी आवश्यक वाहनों को कुशालगढ़ से नारायणपुर होते हुए निकाला जाएगा।
यात्रियों की मदद के लिए केंद्रीय बस स्टैंड पर 24 घंटे एक्टिव रहने वाला कंट्रोल रूम (नंबर: 0144-2338285) बनाया गया है। इसके साथ ही नटनी का बारा, कुशालगढ़ और सरिस्का गेट पर विशेष चेकपोस्ट लगाई गई हैं। रास्ते में बस खराब होने की स्थिति में तत्काल मदद के लिए मोबाइल मैकेनिक टीम भी तैनात रहेगी।