इस कमेटी के सदस्य अपने-अपने गांव में घर-घर जाकर लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करेंगे और उन्हें शपथ दिलाएंगे। गुरुवार को रघुनाथगढ़ गांव के लोगों ने साइबर अपराधों पर रोक लगाने की शपथ ली, साथ ही कमेटी के सदस्यों ने ग्रामीणों की मौजूदगी में साइबर अपराधों में काम लिए गए करीब 100 से 150 मोबाइल जला दिए। कुछ मोबाइल को तोड़ा भी गया और भविष्य में साइबर अपराधों से दूरी बनाने का संकल्प लिया गया।
रक्षा कवच अभियान और स्थानीय पुलिस की अपील का रघुनाथगढ़ और इसके आसपास के गांवों में बड़ा असर हुआ है। साइबर फ्रॉड रोकने के लिए ग्रामीण जागरूक हुए हैं। साइबर अपराध रोकने के लिए रघुनाथगढ़ क्षेत्र के 12 गांवों के 2-2 लोगों को शामिल करते हुए एक कमेटी बनाई गई है।
नौगांवा थानाधिकारी भूपेन्द्रङ्क्षसह ने बताया कि रघुनाथगढ़ सहित आसपास के क्षेत्र में साइबर फ्रॉड की लगातार शिकायत आ रही थीं। देश में कहीं भी साइबर अपराध होते थे, तो अपराधियों के मोबाइल की लोकेशन यहीं की आती थी। ऐसे में यहां साइबर अपराधियों पर अंकुश लगाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। पुलिस की ओर से अपराधियों की लगातार धरपकड़ की जा रही थी। इस बीच, राजस्थान पत्रिका ने पत्रिका रक्षा कवच अभियान चलाया, तो उससे भी यहां के लोगों का मन बदला। पुलिस ने भी राजस्थान पत्रिका की खबरों का हवाला देते हुए रघुनाथगढ़ में लोगों को जागरूक किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. तेजपाल ङ्क्षसह, सीओ सुनील शर्मा, रामगढ़ थाना अधिकारी डॉ. विजेन्द्र ङ्क्षसह, नौगांवा थाना अधिकारी भूपेन्द्र ङ्क्षसह आदि के प्रयास भी इस दिशा में मील का पत्थर साबित हुए।
इस साल साइबर फ्रॉड के 30 मामले दर्ज
इस साल जनवरी से 14 जून तक नौगांवा थाने में साइबर फ्रॉड के 30 मामले दर्ज हुए हैं। लगभग 60 अपराधियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें 10 आरोपी नाबालिग हैं, जिन्हें निरुद्ध किया गया।
&साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए नौगांवा थाने पर अतिरिक्त पुलिस जाप्ते की तैनाती की गई थी। थाने को अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए गए। अब ग्रामीण साइबर अपराध रोकने में सहयोग कर रहे हैं। लोगों ने कमेटियों का गठन कर अपराधों पर अंकुश लगाने की अच्छी कवायद की है।