अलवर

Alwar: राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान आज से शुरू, 2.75 लाख बच्चों को दी जाएगी ‘दो बूंद जिंदगी की’

आज से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हो गई है। इस अभियान के तहत अलवर में पांच वर्ष तक के करीब 2 लाख 75 हजार से अधिक नौनिहालों को पोलियो प्रतिरोधी दवा पिलाई जाएगी। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक तैयारियां की हैं।
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Updated: 28 Jun 2026, 11:46 AM IST
pulse polio
फाइल फोटो (पत्रिका)

अलवर जिले में रविवार से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हो गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. योगेन्द्र शर्मा ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि जिले के सभी बच्चों को सुरक्षित करने के लिए विभाग पूरी तरह अलर्ट है।

अभियान के पहले दिन, यानी आज रविवार को विशेष रूप से बनाए गए केंद्रों पर बच्चों को दवा पिलाई जा रही है। अगर कोई बच्चा किसी कारणवश पहले दिन बूथ पर नहीं आ पाता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसके बाद अगले दो दिनों तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें खुद घर-घर जाकर हर छूटे हुए बच्चे को पोलियाे की खुराक सुनिश्चित करेंगी।

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मजबूत नेटवर्क

अलवर आरसीएचओ डॉ. मंजू शर्मा ने बताया कि इस बार जिले में कुल 1851 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। ग्रामीण इलाकों पर विशेष ध्यान देते हुए वहां 1511 बूथ बनाए गए हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में 340 बूथ एक्टिव रहेंगे।

इसके साथ ही, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मुख्य चौराहों और बाजारों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने वाले बच्चों के लिए 54 ट्रांजिट टीमें तैनात की गई हैं। ईंट-भट्टों, कच्ची बस्तियों और दूर-दराज के क्षेत्रों के लिए 42 मोबाइल टीमें बनाई गई हैं। इस पूरे महाअभियान की कड़ाई से मॉनिटरिंग करने के लिए 213 सुपरवाइजरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।


आम जनता से सहयोग की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विशेषकर माता-पिता से अपील की है कि वे इस राष्ट्रीय कार्य में अपना पूरा सहयोग दें। अपने घर और आसपास के पांच वर्ष तक के हर बच्चे को नजदीकी पोलियो बूथ पर ले जाकर दवा जरूर पिलाएं। इस अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए एएनएम, आशा सहयोगिनी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चिलचिलाती धूप में भी पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई हैं।

जानिए अलवर पल्स पोलियो अभियान की मुख्य बातें

किन्हें मिलेगी खुराक: नवजात शिशु से लेकर 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को।
तीन दिवसीय रणनीति: पहले दिन बूथ पर और अगले दो दिन घर-घर जाकर कवरेज।
विशेष सुरक्षा चक्र: सफर कर रहे बच्चों के लिए मोबाइल और ट्रांजिट टीमें मुस्तैद।

भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए सरकार द्वारा चलाया जाने वाला यह एक बेहद महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है। अलवर जिला प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि हर जागरूक नागरिक अपने बच्चे की सेहत के प्रति जिम्मेदारी निभाएगा और इस राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने में अपनी भागीदारी दर्ज कराएगा।

Updated on:
28 Jun 2026, 11:46 AM IST
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