अलवर

राजस्थान में कहीं मुंह में फटा पटाखा तो कहीं गिलास के नीचे रखकर फोड़ा बम, 5 बच्चे घायल

Rajasthan Firecracker Accident: दीपावली पर पटाखे के साथ की गई एक खतरनाक लापरवाही पांच वर्षीय मासूम के लिए जानलेवा हादसे में बदल गई। बानसूर निवासी बालक ने पटाखा मुंह में रखकर दबा दिया। इसी दौरान पटाखा मुंह के अंदर ही फट गया।
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Updated: 8 Nov 2026, 7:53 AM IST
Firecracker Accident
घायल बच्चा। फोटो: पत्रिका

कोटपूतली। दीपावली पर पटाखे के साथ की गई एक खतरनाक लापरवाही पांच वर्षीय मासूम के लिए जानलेवा हादसे में बदल गई। बानसूर निवासी बालक ने पटाखा मुंह में रखकर दबा दिया। इसी दौरान पटाखा मुंह के अंदर ही फट गया। धमाके से उसका चेहरा बुरी तरह झुलस गया और जबड़े में गंभीर चोट आई। परिजन उसे तत्काल कोटपूतली के राजकीय बीडीएम चिकित्सालय लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गंभीर हालत में उसे जयपुर रेफर कर दिया।

ट्रोमा नर्सिंग प्रभारी श्रीराम सराधना ने बताया कि बानसूर निवासी पांच वर्षीय कार्तिक के साथ यह हादसा हुआ। पटाखा मुंह में फटने से चेहरे का एक तरफ का हिस्सा बुरी तरह झुलस गया और जबड़े में गंभीर चोट आई। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर जयपुर रेफर कर दिया।

गिलास के नीचे बम रखकर फोड़ा, 4 बच्चे घायल

इधर, अजमेर शहर के अलवर गेट क्षेत्र के मिस्त्री मोहल्ले में शनिवार को छोटे बच्चे सुतली बम के ऊपर स्टील का गिलास रखकर उसके हवा में उछलने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन गिलास ऊपर जाने के बजाय सुतली बम के तेज धमाके के साथ ही फटकर बिखर गया। स्टील के टुकड़े आसपास खड़े बच्चों को जा लगे।

हादसे में चार बच्चे घायल हो गए। इनमें आठ वर्षीय दिशांत के पेट में में स्टील का करीब डेढ़ सेंटीमीटर लंबा टुकड़ा धंस गया। उसे जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने करीब डेढ़ घंटे तक ऑपरेशन कर टुकड़ा निकाला। वहीं, 10 वर्षीय प्रज्ञा को गहरा कट लगने पर 5-6 टांके लगाने पड़े। दो अन्य बच्चे जतिन और कबीर को भी चोटें आई।

पटाखे चलाते समय बरतें सावधानी

दीपावली पर पटाखे चलाते समय जरा सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। बच्चों को पटाखे चलाते समय कभी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। पटाखों को मुंह में रखना, हाथ में पकड़कर जलाना या फटने के दौरान उनके पास झुककर देखना बेहद खतरनाक है। अभिभावकों को बच्चों पर नजर रखने के साथ सुरक्षित दूरी और सावधानी के नियमों की पालना सुनिश्चित करनी चाहिए।

Updated on:
8 Nov 2026, 7:53 AM IST
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