
अलवर। शादीशुदा जोड़े को जेल भेजने की धमकी देकर एक लाख रुपए की रिश्वत मांगने के छह साल पुराने मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने नारायणपुर थाने क तत्कालीन थानाधिकारी जितेंद्र कुमार और रिश्वत मांगने में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले बलवीर सिंह यादव को दोषी मानते हुए 4-4 साल के कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। एसीबी कोर्ट की जज अनु चौधरी ने यह फैसला सुनाया। मामला वर्ष 2020 का है।
परिवादी कृष्ण कुमार के मौसेरे भाई संदीप ने सोनाली गंगावत से शादी की थी। इसके बाद सोनाली के पिता ने बेटी को भगा ले जाने की शिकायत नारायणपुर थाने में दर्ज कराई। पुलिस दोनों को थाने ले आई। 8 जनवरी 2020 को कृष्ण कुमार थाने पहुंचे और तत्कालीन थानाधिकारी जितेंद्र कुमार को संदीप और सोनाली की शादी के वैध दस्तावेज दिखाए। आरोप है कि थानाधिकारी ने उनकी बात सुनने के बजाय संदीप को जेल भेजने की धमकी दी।
आरोप के अनुसार, थानाधिकारी ने दलाल बलवीर सिंह यादव के माध्यम से एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। यह राशि संदीप और सोनाली के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने तथा मामले में राहत देने के एवज में मांगी गई थी। परिवादी को रिश्वत की रकम बलवीर यादव को देने के लिए कहा गया था।
परिवादी की शिकायत पर एसीबी ने मामले की जांच की। जांच में आरोप सही मिलने के बाद अदालत में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की बहस और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने तत्कालीन थानाधिकारी जितेंद्र कुमार और दलाल बलवीर सिंह यादव को दोषी ठहराते हुए दोनों को चार-चार साल की जेल और 10-10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।