
Cm Ashok Gehlot V/S PM Narendra Modi: राजनीति की नब्ज अगर समझनी हो तो एक महिला के जवाब से समझी जा सकती है। इस महिला के जवाब ने इशारा कर दिया है कि कौन कहां बेहतर है। विधानसभा चुनाव जल्द होने जा रहे हैं। उसका परिणाम क्या होगा। यह तो भविष्य के गर्भ में है लेकिन महिला का जवाब बहुत कुछ कहता नजर आता है।
अलवर में चल रहे महंगाई शिविर के दौरान विमला देवी से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बातचीत कर रहे थे। योजनाओं के बने कार्ड देख रहे थे। हर योजना पर बात की। इसी दौरान कैबिनेट मंत्री टीकाराम जूली बोले- सिलेंडर 500 रुपए में मिला या नहीं। महिला ने जवाब दिया, हां। इस पर फिर जूली बोले, तो बताओ मोदी अच्छे या गहलोत। विमला देवी बोली-दोनों अच्छे हैं।
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वहीं जब शहर की ही रहने वाली छोटी देवी से सीएम ने बात की। छोटी देवी ने बताया कि उन्हें पेंशन का लाभ नहीं मिल मिला है। काफी समय से वह इधर-उधर भटक रही हैं। इस पर सीएम ने कहा, पेंशन मिलेगी, इसके लिए रजिस्ट्रेशन करवाएं। उसके बाद उनका रजिस्ट्रेशन कराया गया।
इलाज के 12 लाख कहां से आएंगे
सीएम अशोक गहलोत मिनी सचिवालय के लोकार्पण के बाद महंगाई राहत शिविर की ओर रुख किया। निरीक्षण के दौरान ही मौका पाकर शिवाजी पार्क निवासी सुनीता शर्मा दौड़ पड़ीं। एक पुलिस अधिकारी ने उसे रोकने की कोशिश की। इतने में ही ध्यान सीएम का पड़ गया। उन्होंने अफसर से कहा, उन्हें आने दो। बात कहने दो। सुनीता हाथ जोड़कर रोने लगी। सीएम ने पहले उसे चुप कराया। बाद में उसकी व्यथा सुनी।
सुनीता ने कहा कि पति के सिर की नसें फूल गई। जयपुर में इलाज चल रहा है। फ्लो डाइवेटर की जरूरत है। इस पर 12 लाख खर्च होंगे। गत साल दिसंबर से दौड़ रही हूं। अभी तक राहत नहीं मिली। यह बात सुनकर सीएम भी दुखी हुए। कहा, चिंता न करें। आपके पति का इलाज होगा। उन्हें कुछ नहीं होगा। उन्होंने डीएम को इसे गंभीरता से देखने को कहा। । सीएम ने सुनीता से कहा कि वह खुद भी उन्हें कॉल करेंगे।