Volleyball Player Monu Murder: राजस्थान के वॉलीबॉल खिलाड़ी की हरियाणा के तिगांव थाना क्षेत्र में पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया है। 21 वर्षीय खिलाड़ी की दर्दनाक मौत ने हर किसी को झकझोर दिया।
Rajasthan Volleyball Player Monu: राजस्थान के वॉलीबॉल खिलाड़ी की हरियाणा के तिगांव थाना क्षेत्र में पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया है। 21 वर्षीय खिलाड़ी की दर्दनाक मौत ने हर किसी को झकझोर दिया। जिस युवक ने मैदान में मेडल जीते, वह तीन दिन तक यातना झेलने के बाद आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया। मोनू कबड्डी और वॉलीबॉल का खिलाड़ी था। वॉलीबॉल में स्टेट लेवल की प्रतियोगिता में कई पदक जीत चुका था। लेकिन, मोनू अब सिर्फ रिश्तों की आड़ में पनपी नफरत और ऑनर की आग में बुझी एक दर्दनाक कहानी बन चुका है। उसकी मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
भिवाड़ी के सैदपुर गांव निवासी वॉलीबॉल खिलाड़ी मोनू का सिर्फ इतना सा कसूर था कि उसे रिश्तेदार की लड़की से प्यार हो गया था। यह बात लड़की के घरवालों को इतनी नागवार गुजरी की पहले खिलाड़ी का अपहरण कर लिया और फिर 3 दिन तक घर में बंधक बनाकर बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद 20 मई को आरोपियों ने उसे घर के बाहर फेंक दिया। वॉलीबॉल खिलाड़ी को अधमरी हालत में फरीदाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 22 मई को उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों के अनुसार मोनू का फरीदाबाद के तिगांव क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की से पिछले आठ महीनों से प्रेम संबंध था। दोनों के बीच धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ती गई और दोनों शादी करना चाहते थे। लेकिन रिश्तेदारी के कारण लड़की के घरवाले इस रिश्ते के खिलाफ थे। मामला तब और भड़क गया जब करीब एक महीने पहले लड़की घर छोड़कर चली गई। लड़की के घरवालों ने मोनू पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि, बाद में लड़की दिल्ली में मिल गई थी, लेकिन दोनों परिवारों के बीच तनाव खत्म नहीं हुआ।
17 मई की सुबह मोनू यह कहकर घर से निकला कि वह पुलिस जांच में शामिल होने फरीदाबाद जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि वहां पहुंचते ही लड़की के परिजनों ने उसे रास्ते से उठा लिया। इसके बाद उसे खेतों के बीच बने एक मकान और ट्यूबवेल पर बंधक बनाकर रखा गया। आरोप है कि मोनू को लगातार तीन दिन तक लाठी और डंडों से पीटा और आरोपियों ने उसे घर के बाहर फेंक दिया। पुलिस ने 20 मई को परिजनों को सूचना दी कि मोनू घायल है और उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही मोनू के घरवाले भी मौके पर पहुंच गए। लेकिन, फरीदाबाद के अस्पताल में भर्ती मोनू की 22 मई को मौत हो गई।
मोनू की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने ऐसे राज खोले कि हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार मोनू के सिर और नाक की हड्डियां टूटी हुई मिली। साथ ही पसलियां भी फेफड़ों के अंदर धंसी हुई थी। शरीर पर जगह-जगह गहरे जख्म पाए गए। हाथ और पैर में भी फ्रैक्चर था।
मोन की मौत से एक तरफ गांव सैदपुर में शोक का माहौल है। वहीं, दूसरी ओर जिस तरह से मोनू को यातनाएं दी गई उससे ग्रामीणों में आरोपियों के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। परिजनों सहित गांव के लोग इसे सुनियोजित हत्या बता रहे हैं। फरीदाबाद पुलिस ने इस मामले में 3 महिलाओं समेत 15 लोगों के खिलाफ हत्या, अपहरण और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।