
अलवर। कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराणा थाना क्षेत्र से करीब दो महीने पहले लापता हुई युवती की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। लिव-इन पार्टनर ने ही युवती की हत्या की थी और शव को झज्जर के सिलानी ड्रेन नंबर-8 में फेंका था। 29 वर्षीय युवती की मौत के मामले में हरियाणा पुलिस ने आरोपी संदीप राजपूत निवासी चुड़ीना, थाना पचेरी, झुंझुनूं को कोर्ट में पेश कर सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। पुलिस अब उसे नीमराणा लेकर लाएगी, जहां उससे पूछताछ और घटनास्थल सहित अन्य स्थानों की निशानदेही कराई जाएगी।
झज्जर सदर थाना प्रभारी परमजीत सिंह के अनुसार संदीप ने पूछताछ में युवती की नीमराणा के जंगल में हत्या कर शव को हरियाणा के सिलानी नहर में फेंकना कबूला है। आरोपी से लिव-इन रिलेशन वाले मकान की भी निशानदेही होगी। थाना प्रभारी ने बताया कि 2 जुलाई को सिलानी नहर से मिले युवती के शव की पहचान परिजनों ने फोटो से सुशीला के रूप में की थी। पुलिस पुष्टि को डीएनए जांच कर रही है।
डीसीपी झज्जर धारणा यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 2 जुलाई को सिलानी ड्रेन नंबर-8 में एक युवती का शव मिला था। इसके बाद पुलिस ने मृतका से जुड़े लोगों, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य पहलुओं को खंगालना शुरू किया। उपलब्ध फोटो और अन्य जानकारी के आधार पर मृतका की पहचान सुशीला निवासी राजस्थान के रूप में हुई। इसके बाद जांच में जुटी पुलिस ने झुंझुनूं निवासी संदीप सिंह को हिरासत में लिया, जिसके साथ युवती लीव-इन में रहती थी। शुरूआत में आरोपी ने हत्या से इनकार किया। लेकिन, जब सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी ने गुनाह कबूल कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि दोनों के बीच 30 जून को किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। संदीप ने गुस्से में सुशीला के सिर पर डंडे से वार कर दिया। बेहोश होने पर वह सुशील को नीमराणा के जंगल में ले गया और गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने वारदात छिपाने के लिए शव को गाड़ी में डाला और सिलानी गांव ले गया। जहां उसने सुशील के शव को ड्रेन नंबर-8 में फेंक दिया।
पुलिस के अनुसार सुशीला और संदीप पिछले करीब दो वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में थे। संदीप की ऑनलाइन मार्केटिंग के काम के दौरान सुशीला से फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। दोनों करीब चार माह से नीमराणा में किराए के मकान में पति-पत्नी के रूप में रह रहे थे। दोनों नीमराणा की एक कंपनी में काम करते थे। पुलिस के अनुसार संदीप पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि 30 जून को सुशीला के मोबाइल से परिजनों को मैसेज भेजा गया था। इसमें उसने अपनी पसंद से शादी करने और गर्भवती होने की बात लिखी थी। इसके बाद उसका संपर्क टूट गया। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि मैसेज सुशीला ने खुद भेजा था या किसी अन्य ने उसके मोबाइल का इस्तेमाल किया।
पुलिस के अनुसार सुशीला के मामा सतबीर चौधरी निवासी रघुनाथपुरा थाना सूरजगढ़ ने 21 अगस्त को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया कि सुशीला 30 जून से लापता है। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान नीमराणा में रह रहे संदीप राजपूत (38) पुत्र नंदू सिंह निवासी चुड़ीना, पचेरी को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। पूछताछ में संदीप ने पुलिस को बताया कि 30 जून को सुशीला की मौत हो गई थी। इसके बाद वह शव को कार में रखकर हरियाणा के झज्जर सदर थाना क्षेत्र में सिलानी गांव के पास पहुंचा और नहर में शव डाल दिया।
इसके बाद नीमराणा पुलिस संदीप को साथ लेकर झज्जर सदर थाने पहुंची। वहां पुलिस ने बताया कि 2 जुलाई को इसी नहर से एक युवती का शव बरामद हुआ था। झज्जर पुलिस ने शव के फोटो परिजनों को दिखाए। परिजनों ने फोटो देखकर शव की पहचान सुशीला के रूप में की। हालांकि, झज्जर पुलिस ने 5 जुलाई को पोस्टमार्टम के बाद शव को लावारिस मानते हुए अंतिम संस्कार कर दिया था।