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Alwar Accident: रोडवेज बस हादसे में एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, गर्भ में पल रहा मासूम भी नहीं बचा

डॉक्टर को दिखाने के लिए पति के साथ बाइक पर निकली 25 वर्षीय धोली को क्या पता था कि यह उसका आखिरी सफर होगा। रोडवेज बस की टक्कर में पति आकिल और चचेरे भाई अनीस की उसी दिन मौत हो गई। तीन दिन बाद धोली ने भी दम तोड़ दिया और उसके गर्भ में पल रहा छह माह का मासूम भी नहीं बच सका।
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अलवर

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Kamal Mishra

Aug 27, 2026

alwar accident

Alwar Accident: मृतक अनीस (ह्वाइट शर्ट), आकिल (टी-शर्ट) और धोली। (फोटो-पत्रिका)

अलवर। बड़ौदामेव क्षेत्र में एक परिवार के लिए 23 अगस्त की शाम ऐसी दर्दनाक खबर लेकर आई, जिसका दर्द शायद कभी खत्म नहीं होगा। अलवर-भरतपुर मार्ग पर घोकी का तिबारा बिजलीघर के पास रोडवेज बस और बाइक की भिड़ंत में घायल हुई गर्भवती महिला धोली (25) ने भी गुरुवार की रात जयपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उसके साथ उसके गर्भ में पल रहा छह माह का मासूम भी दुनिया में आने से पहले ही जिंदगी की जंग हार गया।

इस हादसे में धोली के पति आकिल (27) और उसके चचेरे भाई अनीस (18) की मौत घटना वाले दिन ही हो गई थी। अब धोली की मौत के बाद एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। हादसे ने परिवार को तोड़कर रख दिया है। छागलकी गांव में भी मातम पसरा हुआ है।

डॉक्टर को दिखाने जा रहा था परिवार

पुलिस के अनुसार, 23 अगस्त की शाम छागलकी निवासी आकिल अपनी गर्भवती पत्नी धोली और चचेरे भाई अनीस के साथ बाइक से अलवर जा रहा था। धोली गर्भवती थी और उसे चिकित्सक को दिखाने के लिए परिवार घर से निकला था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर परिवार की जिंदगी का सबसे दर्दनाक सफर बन जाएगा।

घोकी का तिबारा बिजलीघर के पास सामने से आ रही रोडवेज बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायलों को बड़ौदामेव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।

पति और चचेरे भाई ने उसी दिन तोड़ा दम

सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को अलवर जिला अस्पताल रेफर किया गया। यहां उपचार के दौरान आकिल और अनीस ने उसी दिन दम तोड़ दिया। एक तरफ परिवार दो सदस्यों की मौत के सदमे से जूझ रहा था, वहीं धोली की हालत भी गंभीर बनी हुई थी।

धोली को बेहतर उपचार के लिए जयपुर रेफर किया गया। परिवार को उम्मीद थी कि कम से कम धोली और उसके गर्भ में पल रहा बच्चा बच जाएगा, लेकिन 26 अगस्त की रात जयपुर में इलाज के दौरान धोली ने भी दम तोड़ दिया। इसके साथ ही उसके छह माह के गर्भस्थ शिशु की भी मौत हो गई।

तीन मौतों से गांव में पसरा मातम

एक ही हादसे में पति-पत्नी और चचेरे भाई की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत ने इस त्रासदी को और भी मार्मिक बना दिया। परिवार ने एक साथ तीन अपनों को खो दिया। वहीं घर में आने वाले नए मेहमान को लेकर जो खुशियां थीं, सब एक पल में समाप्त हो गईं।

यह वीडियो भी देखें :

पुलिस ने गुरुवार को धोली के शव का बड़ौदामेव सीएचसी में पोस्टमार्टम करवाया और शव परिजनों को सौंप दिया। हादसे की जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही के चलते होने वाले हादसों की भयावह तस्वीर सामने रख दी है।