अलवर

Alwar News: राजीविका की ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा अपना ‘ऑफिस’, 11 पंचायतों में बनेंगे एसी शेड

अब राजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं को काम करने के लिए घर की चारदीवारी में सिमटने की जरूरत नहीं होगी। अलवर जिले की 11 ग्राम पंचायतों में 25 लाख रुपये की लागत से आधुनिक, एसी वाले 'ऑफिस शेड' बनाए जाएंगे।

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Jun 12, 2026
rajeevika
Representative picture (AI)

गांव की महिलाओं को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने के लिए अलवर जिला प्रशासन एक बेहतरीन पहल करने जा रहा है। अक्सर देखा जाता है कि गांवों में महिलाएं समूह बनाकर काम तो शुरू कर देती हैं, लेकिन उनके पास बैठने या सामान बनाने के लिए कोई तय जगह नहीं होती।

इस वजह से उनका काम बड़े स्तर पर नहीं पहुंच पाता। अब इस समस्या का समाधान ढूंढ लिया गया है। जिले की 11 ग्राम पंचायतों में करीब 25 लाख रुपये की लागत से शानदार और आधुनिक वर्किंग शेड (कार्यस्थल) तैयार किए जा रहे हैं। यह शेड किसी कंपनी के ऑफिस की तरह होंगे, जहां एयर कंडीशनर (एसी) से लेकर तमाम आधुनिक सुविधाएं मौजूद रहेंगी।

10 हजार से ज्यादा महिलाओं को सीधा फायदा

इस योजना के तहत गांव की महिलाएं सुबह अपने घर का सारा कामकाज निपटाकर इस 'ऑफिस' में आ सकेंगी। यहां वे एक साथ बैठकर अपने रोजगार, सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प या अन्य आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगी। एक ही छत के नीचे काम करने से महिलाओं के बीच तालमेल बेहतर होगा और उनके प्रोडक्ट्स की क्वालिटी भी अच्छी होगी। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से जिले की 10 हजार से अधिक कामकाजी महिलाओं को सीधा फायदा मिलेगा और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।

इन ग्राम पंचायतों में दी जाएगी यह सौगात

शेड निर्माण मालाखेड़ा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत हल्दीना, राजगढ़ की श्रीचंदपुरा, खोहदरीबा और राजपुरबड़ा आदि में होंगे। इनके साथ ही उमरैण की देसूला व जटियाणा, रैणी की माचाड़ी तथा रामगढ़ की बगड़ राजपूत और मुबारिकपुर जैसी जगहों पर भी इन आधुनिक शेड्स का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा रामगढ़ और मालाखेड़ा में दो और शेड बनने प्रस्तावित हैं, जिनके लिए अभी प्रशासनिक स्तर पर सही जगह का चयन किया जा रहा है।


डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी योजना से बदलेगी तस्वीर

आपको बता दें कि अलवर जिले में राजीविका मिशन से लगभग एक लाख से ज्यादा महिला समूह जुड़े हुए हैं। अभी तक जगह की कमी के कारण ये महिलाएं अपने-अपने घरों से ही काम चला रही थीं, जिससे काम का तालमेल नहीं बैठ पाता था।

महिलाओं की इसी परेशानी को समझते हुए 'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना' के तहत इन आधुनिक शेड्स को बनाने का फैसला लिया गया है। इस फैसले से न सिर्फ गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को भी शहरों की तरह एक प्रोफेशनल माहौल में काम करने का मौका मिलेगा।

ग्रामीण महिलाओं के कार्य करने के लिए 11 स्थानों पर शेड बनाए जाएंगे। हर शेड पर 25 लाख रुपए व्यय होंगे। प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। मंजूरी आने के बाद काम शुरू करवाएंगे - सालुंखे गौरव रविंद्र, सीईओ, जिला परिषद

Published on:
12 Jun 2026 11:42 am