अलवर

Alwar: राजगढ़ में बघेरे की दहशत से डरे लोग, घर की छत पर दिखा 

राजगढ़ के समीप नयागांव बोलका में पिछले एक सप्ताह से बघेरे की गतिविधियों से ग्रामीणों में डर बना हुआ है। बघेरा अब तक वन विभाग की पकड़ में नहीं आया है। गत रात्रि भी बघेरा एक मकान की छत पर नजर आया। इसकी गतिविधि सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है।
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Sep 23, 2026
rajgarh nayagaon
घर की छत पर बघेरा

अलवर में राजगढ़ के समीपवर्ती नया गांव बोलका में पिछले एक सप्ताह से बघेरे की लगातार गतिविधियां सामने आ रही हैं। बघेरा अब तक वन विभाग की पकड़ से बाहर है। ग्रामीणों का कहना है कि बघेरे की मौजूदगी से गांव में डर का माहौल बना हुआ है और लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने में भी सावधानी बरत रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार करीब एक सप्ताह पहले बघेरा सतीश मीना के घर के बाड़े में आया था। इस दौरान वह एक स्वान को अपने जबड़े में दबाकर ले गया था। इस घटना के बाद से ही ग्रामीण बघेरे की गतिविधियों को लेकर चिंतित हैं। वन विभाग ने बघेरे को पकड़ने के लिए पिंजरा भी लगाया, लेकिन अब तक वह उसमें कैद नहीं हुआ है।

बघेरा लगातार आबादी क्षेत्र में घूम रहा

गत रात्रि एक बार फिर उसी मकान की छत पर बघेरे की गतिविधि देखी गई। मकान की छत पर लगे सीसीटीवी कैमरे में बघेरा दिखाई दिया। फुटेज सामने आने के बाद ग्रामीणों में एक बार फिर डर बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बघेरा लगातार आबादी क्षेत्र के आसपास घूम रहा है, ऐसे में किसी अनहोनी की आशंका बनी हुई है।

स्थानीय निवासी मनीष बोलका ने बताया कि गांव में बघेरे की गतिविधियों को एक सप्ताह से अधिक समय हो गया है। बघेरा लगातार आसपास दिखाई दे रहा है। वन विभाग की ओर से उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है, लेकिन अभी तक बघेरा पिंजरे में नहीं आया है।

घर के बाड़े में पहुंचा

मनीष ने बताया कि पहले बघेरा सतीश मीना के घर के बाड़े में पहुंचा था और वहां स्वान को शिकार बनाया था। अब गत रात्रि उसी मकान की छत पर उसकी गतिविधि दिखाई दी। इससे घर में रहने वाले लोगों के साथ आसपास के ग्रामीणों में भी भय का माहौल है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से बघेरे को पकड़ने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि बघेरे की लगातार गतिविधियों को देखते हुए आबादी क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए। ग्रामीण चाहते हैं कि वन विभाग जल्द कार्रवाई कर बघेरे को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर ले जाए, ताकि गांव के लोगों को राहत मिल सके।

Updated on:
23 Sept 2026 11:54 am
Published on:
23 Sept 2026 11:54 am