
RPSC Senior Teacher Exam: शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा विभाग) भर्ती परीक्षा का आगाज आज रविवार से हो चुका है। अलवर जिले के साथ-साथ मालाखेड़ा और रामगढ़ में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। यह परीक्षा आज 12 जुलाई से शुरू होकर आगामी 17 जुलाई तक लगातार छह दिनों तक चलेगी।
परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाई है। यह परीक्षा हर दिन दो पारियों में आयोजित की जा रही है। पहली पारी सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से शाम 5.30 बजे तक रखी गई है। आंकड़ों की बात करें तो पहले दिन ही दोनों पारियों को मिलाकर करीब 28,490 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, जबकि छह दिनों में कुल 72 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी इस एग्जाम में बैठेंगे। अलवर जिले में कुल 57 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 19 सरकारी और 38 प्राइवेट स्कूल-कॉलेज शामिल हैं।
आरपीएससी ने इस बार सुरक्षा और चेकिंग को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। परीक्षा शुरू होने से ठीक एक घंटा पहले यानी पहली पारी के लिए सुबह 9 बजे और दूसरी पारी के लिए दोपहर 2 बजे परीक्षा केंद्रों के मुख्य दरवाजे बंद कर दिए गए। इसके बाद देर से आने वाले किसी भी अभ्यर्थी को एंट्री नहीं दी गई। हर केंद्र पर अभ्यर्थियों की हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) से जांच की जा रही है। परीक्षा कक्ष में जाने से पहले अभ्यर्थियों के ओरिजिनल फोटो पहचान पत्र और एडमिट कार्ड का बारीकी से मिलान किया जा रहा है।
गड़बड़ी और नकल रोकने के लिए हर केंद्र पर दो-दो वीडियोग्राफर तैनात किए गए हैं, जो पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग कर रहे हैं। इसके अलावा 57 केंद्राधीक्षक, 95 पर्यवेक्षक और करीब 1700 वीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। किसी भी तरह की परेशानी या शिकायत के लिए कलेक्ट्रेट में 17 जुलाई तक एक स्पेशल कंट्रोल रूम भी शुरू किया गया है।
नियमों के मुताबिक परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ, कैलकुलेटर या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाना पूरी तरह बैन है। परीक्षार्थियों को आयोग की ओर से तय किए गए ड्रेस कोड में ही आने की अनुमति दी गई है। सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय का विशेष ध्यान रखें ताकि चेकिंग के दौरान उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।