
अलवर में सरिस्का के गरवाजी मंदिर के पास शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब श्रद्धालुओं को रास्ते में एक अधेड़ का क्षत-विक्षत शव दिखाई दिया। शव की हालत देखकर लोगों ने तुरंत अकबरपुर थाना पुलिस को सूचना दी। मृतक की पहचान धवाला निवासी सूबेसिंह गुर्जर (54) पुत्र गुलाबचंद के रूप में हुई है। परिजनों ने आशंका जताई है कि मंदिर दर्शन के दौरान किसी जंगली जानवर ने उन पर हमला किया होगा। हालांकि, मौत की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
जानकर के अनुसार सूबेसिंह सुबह घर से गरवाजी मंदिर में दर्शन करने के लिए निकले थे। कुछ समय बाद रास्ते से गुजर रहे अन्य श्रद्धालुओं ने उनका शव देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। घटनास्थल पर शव क्षत-विक्षत हालत में मिला। उनके पेट पर गंभीर चोटें थीं और सिर पर भी गहरे घाव दिखाई दिए।
सूचना मिलने पर अकबरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मॉर्च्युरी में रखवाया। बाद में परिजनों ने शव की पहचान की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, ताकि मौत के कारणों का पता लगाया जा सके।
सूबेसिंह के परिवार में पांच बच्चे हैं। इनमें तीन बेटियां और एक बेटा सरकारी सेवा में कार्यरत हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
घटनास्थल पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार शव पर किसी जानवर के नोचने के निशान मिले हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि सूबेसिंह की मौत जंगली जानवर के हमले से हुई या किसी अन्य कारण से उनकी जान गई और बाद में जानवर ने शव को नोचा। ऐसे मामलों में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्य अहम होते हैं। जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
वन विभाग के अनुसार गरवाजी क्षेत्र में टाइगर का मूवमेंट नहीं है। ऐसे में फिलहाल किसी बाघ के हमले की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और वन विभाग मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रहे हैं। गरवाजी मंदिर में दर्शन के लिए आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के बीच घटना को लेकर चिंता है। हालांकि, मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा