
अलवर/अकबरपुर। सरिस्का बाघ परियोजना में बाघों की संख्या में वृद्धि के बाद पर्यटकों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए सरिस्का विभाग ने पर्यटकों के लिए नए रूट बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे एनटीसीए (नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी) को भेजा जाएगा। इस प्रस्ताव से पर्यटकों को अधिक सुविधाएं मिल सकेंगी और वे आसानी से क्षेत्र का भ्रमण कर सकेंगे।
इस प्रस्ताव में टहला और सरिस्का क्षेत्र में नए भ्रमण रूट बनाए जाने का सुझाव है। सरिस्का बाघ परियोजना में बाघों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। इसके परिणामस्वरूप पर्यटकों को बाघों के दर्शन हो रहे हैं। वर्तमान में 35 वाहन पर्यटकों के लिए चलाए जा रहे हैं, लेकिन नए रूट बनने से और अधिक पर्यटक क्षेत्र में घूम सकेंगे और उनका अनुभव बेहतर होगा।
सरिस्का टाइगर रिजर्व में वर्तमान में तीन जोन चल रहे हैं। इन जोनों को आगे बढ़ाने के लिए एक टाइगर कंजर्वेशन प्लान तैयार किया गया है, जिसे एनटीसीए को भेजा जाएगा। इस योजना में कई नए रूट प्रपोजल्स हैं।
वन अधिकारियों के अनुसार टहला क्षेत्र में दो नए रूट और सरिस्का क्षेत्र में दो सहित चार जोन प्रस्तावित किए गए हैं। यदि एनटीसीए से इन रूटों के लिए अनुमति मिल जाती है, तो इन रूटों को तैयार कर पर्यटकों के लिए और अधिक सुविधाएं प्रदान की जा सकेंगी। इस प्रस्ताव से न केवल सरिस्का के बाघों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटकों के लिए नया अनुभव और अधिक विकल्प भी उपलब्ध होंगे।
टहला क्षेत्र में दो नए रूट और सरिस्का क्षेत्र में दो सहित चार जोन प्रस्तावित किए गए हैं। एनटीसीए से फाइनल सहमति मिलने के बाद ही हम इन रूटों पर जिप्सी चलाने की योजना बना सकते हैं।
- अभिमन्यु सहारण, डीएफओ सरिस्का।