
Shafali Verma: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में विस्फोटक बल्लेबाज शेफाली वर्मा का नाम दर्ज हो गया है। आइसीसी महिला वनडे विश्व कप 2025 के फाइनल में शेफाली ने अपने बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन से भारत को पहली बार विश्व विजेता बना दिया।
महामुकाबले में शेफाली ने 78 गेंदों पर 7 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 87 रनों की विस्फोटक पारी खेली। इसके बाद गेंदबाजी में भी उन्होंने अपना जादू दिखाया और 36 रन देकर 2 अहम विकेट झटके। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें ’प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया और वह महिला विश्व कप फाइनल में यह पुरस्कार जीतने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बन गई, 12 साल पुराना रेकॉर्ड तोड़ते हुए।
शेफाली की इस जीत का बहरोड़ से भी खास नाता है। उनके पूर्वज मुंडावर के जालावास गांव के थे, और वह हर बड़े टूर्नामेंट से पहले दहमी मंशा माता के मंदिर में आशीर्वाद लेने आती हैं। इस बार भी उन्होंने 29 अक्टूबर को माता के दरबार में माथा टेका और मनौती मांगी। मंदिर के पुजारी भोनेश शर्मा ने बताया कि माता ने अपनी बेटी की मुराद पूरी कर दी।
विश्वकप जीत के बाद शेफाली ने कहा- ’भगवान ने मुझे कुछ अच्छा करने के लिए भेजा था और आज वो सच हो गया। बहुत खुश हूं कि हमने आखिरकार विश्व कप जीत लिया। मुंडावर की जड़ों से निकली और रोहतक में पली-बढ़ीं शेफाली वर्मा ने न सिर्फ भारत को विश्व विजेता बनाया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि प्रतिभा, मेहनत और आस्था का संगम हो, तो कोई भी सपना नामुमकिन नहीं है।
शेफाली की क्रिकेट में रिकॉर्ड तोड़ने की आदत जगजाहिर है। उन्होंने 15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक बनाकर सचिन तेंदुलकर का 16 साल का रेकॉर्ड तोड़ दिया। इसे देखकर क्रिकेट की दुनिया हैरान रह गई।