Alwar News: अलवर जिले के थानागाजी ब्लॉक के बामनवास चौगान में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र पर एक बार फिर हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है।
थानागाजी। अलवर जिले के थानागाजी ब्लॉक के बामनवास चौगान में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र पर 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए आए पोषाहार के नमकीन मुरमुरे के बंद पैकेट को खोलने पर दो पैकेट के अंदर दीमक व मिट्टी मिले हुए मुरमुरे मिले हैं। ये भीगे हुए मुरमुरे सड़ांध मार रहे थे।
इस संबंध में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने एलएचवी व सीडीपीओ को इनके फोटो भेजकर सूचना दी है। इस आंगनबाड़ी केंद्र पर तैनात एक मात्र कार्यकर्ता सरस्वती देवी गुप्ता ने बताया कि उक्त आंगनबाड़ी केंद्र पर 21 बच्चों का नामांकन है। सहायिका का पद 2 साल से रिक्त है।
राजस्थान सरकार समेकित बाल विकास सेवाएं की ओर से आंगनबाड़ी सेवा योजना के तहत पूरक पोषाहार का निःशुल्क वितरण किया जाता है। उसके तहत 3 वर्ष से 6 वर्ष के बच्चों के लिए नमकीन व मीठे मुरमुरे व गर्भवती महिलाओं के लिए मीठा व नमकीन दलिया, खिचड़ी, सादा दलिया आदि के बंद पैकेट वितरण के लिए आते हैं।
मार्च-2026 में दो दिन पहले ही सप्लाई लेकर आई गाड़ी में 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए आए नमकीन मुरमुरे के दो पैकेट खोले, तो उनमें दीमक लगी मिली। पैकेट के अंदर मिट्टी भी भरी हुई थी। मुरमुरे के पैकेट खोले, तो अंदर से गीले व सड़े हुए थे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि उन्होंने एलएचवी व सीडीपीओ को वाट्सऐप पर इनकी फोटो भेजकर घटिया पोषाहार की सप्लाई बंद करवाने व सप्लाई कम्पनी के ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है। दोनों पैकेट उन्हाेंने फेंक दिए और एक पैकेट को बतौर सैंपल अपने पास रखा है। कार्यकर्ता सरस्वती देवी गुप्ता ने बताया कि फरवरी माह में जो सप्लाई आई थी, उसमें भी कई पैकेट खराब थे, जिन्होंने फेंका गया था।
सीडीपीओ महाराम गुर्जर ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की शिकायत मिली है। जांच के लिए सैंपल भी मंगवाए हैं। इनकी जांच कराई जाएगी। उच्चाधिकारियों को कार्रवाई के लिए पत्र लिख दिया है।