मेवात में शायद आतंकी बड़ी साजिश का अंजाम देने वाले थे। इसके पीछे प्रमुख वजह है कि यहां पैरा मिलिट्री फोर्स (अर्द्धसैनिक बलों) और राजस्थान व दिल्ली पुलिस के करीब एक दर्जन ट्रेनिंग सेंटर चल रहे हैं।
अलवर.
मेवात में शायद आतंकी बड़ी साजिश का अंजाम देने वाले थे। इसके पीछे प्रमुख वजह है कि यहां पैरा मिलिट्री फोर्स (अर्द्धसैनिक बलों) और राजस्थान व दिल्ली पुलिस के करीब एक दर्जन ट्रेनिंग सेंटर चल रहे हैं। अलकायदा इन इंडियन सब कॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) के आतंकी मॉड्यूल द्वारा भिवाड़ी के सारेकलां गांव के जंगल में ठिकाना जमा आतंकियों को हथियार और गोला-बारूद चलाने की ट्रेनिंग दे रहे थे, लेकिन साजिश को अंजाम देने से पहले ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इसका भंडाफोड़ कर छह आतंकियों को धर दबोचा।
देशविरोधी और आतंकी गतिविधियों पर निगरानी के लिए पूर्व सरकारों ने मेवात की घेराबंदी करते हुए यहां राजस्थान और दिल्ली पुलिस समेत पैरा मिलिट्री फोर्स के ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए। राजस्थान और हरियाणा के मेवात क्षेत्रों में पैरा मिलिट्री फोर्स के करीब एक दर्जन ट्रेनिंग सेंटर चल रहे हैं। यहां पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के प्रशिक्षण देकर जवानों को तैयार किया जाता है। साथ ही आतंकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए खोजी श्वान तैयार किए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार मेवात में सुरक्षा बलों के बारे में जानकारी जुटाने व उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए और अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने को लिए ही अलकायदा इन इंडियन सब कॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) के आतंकी मॉड्यूल द्वारा सारेकलां में आतंक की फैक्ट्री खोली गई थी।
बहरोड़ के अनंतपुरा गांव में सीआईएसएफ का ट्रेनिंग सेंटर है। जहां नए भर्ती जवानों को स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है। रामगढ़ के बेरे बास की घाटी के समीप आईटीबीपी का सेंटर है। रैणी के डेरा गांव में एसएसबी का डॉग ट्रेनिंग सेंटर चल रहा है। जहां खोजी श्वान तैयार किए जाते हैं। यहां श्वानों को आयुध, नारकोटिक्स, ट्रेकर आदि की स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है। वहीं, लक्ष्मणगढ़ के मौजपुर में एसएसबी का दूसरा ट्रेनिंग सेंटर है। जहां जवानों को प्रशिक्षण दिया जाता है। कोटकासिम के अलीपुर सांचोर में बीएसएफ का ट्रेनिंग सेंटर संचालित है। एमआईए के मीणापुरा गांव में आरएसी का ट्रेनिंग सेंटर है। सदर थाना इलाके के जाजोरबास गांव में में डीआरडीओ का सेंटर बनाया हुआ है। वहीं, हरियाणा के फिरोजपुर में झिरका मंदिर के पास सीआरपीएफ का ट्रेनिंग सेंटर चल रहा है। बहादुरपुर में भी महिला बटालियन का ट्रेनिंग सेंटर स्वीकृत है, लेकिन अभी चालू नहीं हो पाया है।
अलवर के सदर थाना इलाके के ठेकड़ा गांव में राजस्थान पुलिस का ट्रेनिंग सेंटर है। वहीं, तिजारा के अभनपुर की पहाड़ियों में दिल्ली पुलिस का कमांडो ट्रेनिंग सेंटर चल रहा है। इन सेंटर्स पर राजस्थान और दिल्ली पुलिस के जवानों को हथियार चलाने और कमांडो ट्रेनिंग दी जाती है।
अलकायदा के आतंकी मॉड्यूल द्वारा भिवाड़ी के चौपानकी थाना इलाके के सारेकलां गांव के दुर्गम जंगल और पहाडि़यों के बीच अपना ट्रेनिंग सेंटर जमा लिया था। आतंकियों के इस ट्रेनिंग सेंटर से मात्र 5-7 किलोमीटर दूर ही हरियाणा के नूंह क्षेत्र में भारतीय वायुसेना का प्रतिबंधित क्षेत्र है।
वहीं, अलवर में सेना के भी कई कैम्प हैं। जिला मुख्यालय पर ईटाराणा, जय पलटन, मंगलांसर में तीन सेना छावनी हैं। जहां सेना की कई रेजिमेंट की टुकड़ी रहती हैं। इसके अलावा रैणी के परवैणी और दानपुर के जंगलों में सैनिक बलों के जमीन आरक्षित की हुई है।