
अलवर। हरिद्वार से आस्था का जल लाने निकले श्रद्धालुओं की यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई। हादसा गाजियाबाद के पास मोदी नगर उत्तरप्रदेश में हुआ। शाहबाद क्षेत्र के समीप कलगांव के श्रद्धालुओं से भरी एक लोडिंग पिकअप को सामने से आ रहे स्क्रैप से भरे तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि पिकअप के ऊपर बने चैंबर में सो रहे तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 14 अन्य घायल हो गए। हादसे की खबर जैसे ही कलगांव पहुंची, पूरे गांव में कोहराम मच गया। जिन घरों से श्रद्धालु भगवान का आशीर्वाद लेने निकले थे, वहां मातम और चीख-पुकार का माहौल छा गया। बुधवार को शोक में गांव के बाजार बंद रह
जानकारी के अनुसार अलवर जिले के कलगांव के श्रद्धालुओं ने हरिद्वार से कांवड़ लाने के लिए माजरी गुर्जर निवासी महिपाल पुत्र मंगतूराम की नई लोडिंग गाड़ी बुक की थी। गाड़ी नई होने के कारण महिपाल स्वयं भी उसे हरिद्वार धोक लगाने ले जा रहा था। वाहन में कलगांव के आठ पुरुष और छह महिलाएं तथा माजरी गुर्जर के दो पुरुष और एक महिला सवार थे।
प्रत्यक्षदर्शी राजेश फौजी ने बताया कि रात करीब 11.30 से 12 बजे के बीच सामने से स्क्रैप से भरा ट्रक आ रहा था। पिकअप चालक ने कई बार डिपर देकर वाहन को सड़क किनारे कर लिया, लेकिन ट्रक चालक ने गति कम नहीं की और लापरवाही से सीधे पिकअप को टक्कर मार दी। कांवड़ियों की सुविधा के लिए पिकअप में लोहे का चैंबर बनाया गया था, जिसके ऊपर पांच श्रद्धालु सो रहे थे। टक्कर के बाद सबसे अधिक नुकसान इसी हिस्से में हुआ।
हादसे में 23 वर्षीय रमेश मेघवाल पुत्र छोटे लाल की मौत ने सबसे अधिक झकझोर दिया। रमेश पेशे से इलेक्ट्रिशियन था और दो वर्ष पहले ही उसका विवाह हुआ था। उसकी पत्नी गर्भवती है और वह उसे गंगा स्नान कराने साथ ले गया था। रमेश के पिता का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि उसका छोटा भाई गंभीर बीमारी से पीड़ित है। परिवार की आजीविका का पूरा भार रमेश पर था। उसकी मौत से गर्भवती पत्नी के सिर से सहारा उठ गया और परिवार आर्थिक संकट में आ गया। मृतक की पत्नी भी हादसे में गंभीर घायल हुई है।
दूसरे मृतक सरजीत पुत्र खुशी राम (40) पेशे से चालक थे। वे अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनके पीछे पत्नी और दो बेटे हैं। कांवड़ लाने की श्रद्धा उन्हें हरिद्वार ले गई, लेकिन वे कभी लौटकर घर नहीं आ सके। अब उनके दोनों बेटों के सिर से पिता का साया उठ गया है।
तीसरे मृतक 22 वर्षीय रतन वाल्मीकि पुत्र भजन लाल बेहद गरीब परिवार से थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। दो बहनों का विवाह हो चुका है और रतन ही परिवार का इकलौता वारिस था। मजदूरी कर वह अपना जीवनयापन करता था। उसकी असमय मौत ने परिवार की आखिरी उम्मीद भी छीन ली।
घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य कराया और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रक चालक की तेज रफ्तार और लापरवाही हादसे का प्रमुख कारण मानी जा रही है।