अलवर

Rajasthan News : कांग्रेस नेता इमरान खान की ज़मीन पर ‘बुलडोज़र एक्शन’, BJP पर द्वेषतापूर्ण कार्रवाई का आरोप

तिजारा के कांग्रेस नेता इमरान खान के भाई के मकान पर चला प्रशासन का बुलडोजर। भिवाड़ी में भारी पुलिस जाब्ते के बीच हुई कार्रवाई। इमरान खान ने भाजपा विधायक पर लगाए राजनीतिक द्वेष के आरोप।

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Jun 12, 2026
Tijara Congress Leader Imran Khan Brother House Demolition Bhiwadi Rajasthan Police
Tijara Demolition Drivwe PIC

राजस्थान के अलवर संभाग के प्रमुख औद्योगिक शहर भिवाड़ी और तिजारा विधानसभा क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय भारी राजनैतिक सरगर्मी और तनाव फैल गया, जब स्थानीय प्रशासन और नगर विकास न्यास (UIT) की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार तिजारा से कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी इमरान खान के भाई के स्वामित्व वाली जमीन पर बने मकान को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। सुबह शुरू हुई इस अचानक कार्रवाई से मेवात अंचल के राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। प्रशासनिक पीले पंजे की इस बड़ी कार्रवाई का पता चलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस के स्थानीय पदाधिकारी, सैकड़ों कार्यकर्ता और इमरान खान के समर्थक मौके पर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक दस्ते का रास्ता रोककर और नारेबाजी करके इस ध्वस्तीकरण का कड़ा विरोध किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मौजूद अतिरिक्त पुलिस जाब्ते ने घेराबंदी करके विरोध कर रहे लोगों को पीछे धकेला और कई घंटों की मशक्कत के बाद इस कार्रवाई को पूरी तरह से अंजाम दिया।

'बहुत मेहनत और मजदूरी करके बनाया था आशियाना'

कार्रवाई के दौरान अपने भाई के मकान को मलबे में तब्दील होते देख कांग्रेस नेता इमरान खान और उनका पूरा परिवार बेहद भावुक और आक्रोशित नजर आया। इमरान खान ने मौके पर मौजूद मीडिया और अपने समर्थकों के सामने अपना पक्ष रखते हुए प्रशासन के रवैये पर कई तीखे सवाल खड़े किए।

इमरान खान ने कहा, "यह कोई अवैध कब्जा या रातों-रात खड़ा किया गया ढांचा नहीं था। मेरे बड़े भाई और हमारे पूरे परिवार ने अपनी जिंदगी भर की खून-पसीने की गाढ़ी कमाई, बहुत मेहनत और दिन-रात मजदूरी करके इस जमीन को संवारा था और रहने के लिए यह मकान बनाया था। प्रशासन ने कानून और नियमों को पूरी तरह ताक पर रखकर, बिना किसी पुख्ता कानूनी समय सीमा और अग्रिम नोटिस के हमारे इस आशियाने पर बुलडोजर चला दिया है। यह आम आदमी के सिर से उसकी छत छीनने जैसी अमानवीय कार्रवाई है।"

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प्रशासन और परिवार के बीच हुई लंबी वार्ता

भिवाड़ी के इस संवेदनशील इलाके में जब नगर परिषद और जिला प्रशासन की टीमें जेसीबी (JCB) और पोकलेन मशीनें लेकर पहुंचीं, तो शुरुआत में इमरान खान के परिवार और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मशीनों के आगे खड़े होकर उन्हें रोकने का प्रयास किया।

तनाव बढ़ता देख प्रशासनिक अधिकारियों, उपखंड मजिस्ट्रेट (SDM) और पुलिस उपाधीक्षक (DYSP) ने इमरान खान और उनके परिवार के मुख्य सदस्यों के साथ मौके पर ही एक दौर की लंबी बातचीत भी की। पीड़ित पक्ष ने जमीन के मालिकाना हक से जुड़े कुछ दस्तावेज और दलीलें अधिकारियों के सामने प्रस्तुत कीं और कार्रवाई को कुछ समय के लिए टालने या कानूनी समीक्षा करने की मांग की। लेकिन अधिकारियों ने उच्च स्तर से मिले कड़े निर्देशों का हवाला देते हुए उनकी सभी दलीलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। कांग्रेस नेता का आरोप है कि बातचीत केवल एक दिखावा थी, क्योंकि प्रशासन पहले से ही मकान तोड़ने का पूरा मन बनाकर आया था।

स्थानीय भाजपा विधायक पर लगाए गंभीर आरोप

इस बड़े ध्वस्तीकरण के बाद तिजारा की राजनीति पूरी तरह से गरमा गई है। इमरान खान ने इस प्रशासनिक कार्रवाई को नियम विरुद्ध और राजनैतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित बताया। उन्होंने सीधे तौर पर तिजारा के स्थानीय भाजपा विधायक पर इस कार्रवाई की स्क्रिप्ट लिखने का आरोप मढ़ा।

इमरान खान ने बेबाकी से आरोप लगाया, "यह कार्रवाई किसी कानून की पालना के लिए नहीं की गई है, बल्कि यह पूरी तरह से द्वेषपूर्ण और राजनैतिक प्रतिशोध है। चूंकि मैं तिजारा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस का प्रत्याशी रहा हूँ और इस इलाके में भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लगातार आवाज उठाता रहा हूँ, इसलिए मुझे और मेरे परिवार को मानसिक व आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए यह गंदी राजनीति खेली गई है। स्थानीय भाजपा विधायक के सीधे निर्देश और राजनैतिक दबाव में आकर ही भिवाड़ी प्रशासन ने यह दमनकारी कदम उठाया है। हम इस तानाशाही के आगे झुकने वाले नहीं हैं और इस अन्याय के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।"

तैनात रही कई थानों की पुलिस

भिवाड़ी और तिजारा का यह पूरा इलाका भौगोलिक और सामाजिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में एक बड़े राजनीतिक चेहरे के भाई के मकान पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के दंगे, पथराव या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस मुख्यालय ने व्यापक इंतजाम किए थे।

कार्रवाई के दौरान भिवाड़ी, तिजारा, फूलबाग और कोटकासिम सहित करीब 5 थानों का पुलिस जाब्ता, क्यूआरटी (QRT) की टीमें और राजस्थान आर्मड कांस्टेबुलरी (RAC) के हथियारबंद जवानों को पूरी जमीन के चारों तरफ तैनात किया गया था। पूरे इलाके की बैरिकेडिंग कर दी गई थी और आम वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया गया था।

पुलिस की इसी भारी घेराबंदी के कारण विरोध कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ता चाहकर भी बुलडोजर मशीनों के करीब नहीं पहुंच सके, जिससे प्रशासन ने बिना किसी बड़ी हिंसक झड़प के पूरे निर्माण को ध्वस्त कर दिया।

अधिकारियों की सफाई: 'अवैध अतिक्रमण पर हुई कार्रवाई'

दूसरी तरफ, पूरे घटनाक्रम और कांग्रेस नेता इमरान खान द्वारा लगाए गए राजनैतिक आरोपों पर भिवाड़ी प्रशासनिक अमले और यूआईटी के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी आधिकारिक सफाई पेश की है। प्रशासन ने इसे किसी भी प्रकार की राजनैतिक द्वेषता से पूरी तरह से इंकार किया है।

एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया, "यह कार्रवाई किसी व्यक्ति विशेष या राजनीतिक दल को टारगेट करके नहीं की गई है। सरकारी भूमि, मास्टर प्लान के नियमों के उल्लंघन और सार्वजनिक रास्ते पर किए गए अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ जो राज्यव्यापी अभियान चल रहा है, यह उसी का एक नियमित हिस्सा है। संबंधित भूमि और निर्माण को लेकर नियमानुसार पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे और पीड़ित पक्ष को अपना रुख साफ करने का पर्याप्त समय दिया गया था। कानून की नजर में सभी बराबर हैं और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना प्रशासन का प्राथमिक दायित्व है।"

Updated on:
12 Jun 2026 12:31 pm
Published on:
12 Jun 2026 12:26 pm