
अलवर। कटीघाटी में पहाड़ी काटकर अंडरपास बनाया जाएगा। इससे ढाई पैड़ी से आने वाले वाहन सीधे भूगोर तिराहे के नीचे से होकर हनुमान सर्किल मार्ग पर पहुंच सकेंगे। यह बात दिल्ली की एजेंसी की ओर से 10 माह में किए गए सर्वे में सामने आई है। पीडब्ल्यूडी एनएच ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को इसका प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा है। अंडरपास बनने से वाहनों की रफ्तार बढ़ेगी।
पीडब्ल्यूडी एनएच के मुताबिक ढाई पैड़ी से कटीघाटी पहुंचते ही वाहन सीधे अलवर शहर की ओर न जाकर सीधे हनुमान सर्किल वाले रास्ते पर अंडरपास के जरिए निकलेंगे। भूगोर तिराहे का स्वरूप यथावत रहेगा। इसके नीचे से अंडरपास निकलेगा। कटीघाटी में अंडरपास के लिए 25 से 30 फीसदी पहाड़ी एरिया काटा जाएगा, जिससे गहराई बढ़ेगी और उसी में अंडरपास बनेगा। इस कार्य पर 30 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
ढाई पैड़ी से अलवर शहर आने वाले वाहन जयपुर मार्ग से आ-जा सकेंगे, उन्हें कटीघाटी तक आने की आवश्यकता नहीं होगी।क्योंकि कटीघाटी से शहर आने वाला रास्ता मोडिफाई होगा। वहां एक बॉक्स लगाकर कटीघाटी स्थित मंदिर तक पहुंचने का रास्ता बनाया जाएगा।
जयपुर से हनुमान सर्किल आने के लिए एनएच-248 ए का प्रयोग किया जाता है। जैसे ही वाहन ढाई पैड़ी आते हैं, तो उन्हें घुमाव का सामना करना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाएं होने की आशंका रहती है। एनएच के नियम हैं कि हाईवे में घुमाव कम से कम हों। इसी को देखते हुए पीडब्ल्यूडी एनएच ने यहां पहले वाई शेप का फ्लाईओवर बनाने पर विचार किया था। इस पर स्टडी करने का जिम्मा दिल्ली की एजेंसी को दिया गया, जिसने पूरा खाका तैयार कर पीडब्ल्यूडी एनएच को सौंप दिया है।
भूगोर तिराहे से हनुमान सर्किल तक मार्ग फोरलेन कर चौड़ा किया जाना है। इसका प्रस्ताव काफी समय पहले मंजूर हो चुका, लेकिन अब इस प्रस्ताव पर संशय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि अंडरपास बनने से यह मार्ग चौड़ा होगा।
कटीघाटी में पहाड़ी का कुछ हिस्सा काटकर अंडरपास बनाया जाएगा, जिससे ढाई पैड़ी से आने वाले वाहन सीधे हनुमान सर्किल की ओर जाएंगे। इस कार्य पर 30 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह प्रस्ताव मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजा गया है।
-वेदप्रकाश शर्मा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी एनएच