
कुछ ऐसे नजर आएगा टोंक रोड पर एलिवेटेड मेट्रो ट्रैक। फोटो: पत्रिका
Jaipur Traffic Diversion: जयपुर। गुलाबी नगर में मेट्रो फेज-2 को लेकर उम्मीदें तो बहुत हैं, लेकिन इसका निर्माण आगे बढ़ने के साथ शहर को बड़े ट्रैफिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। मेट्रो रूट पर काम शुरू होने से पहले वैकल्पिक मार्गों की ठोस योजना अब तक जमीन पर नजर नहीं आ रही। वैकल्पिक मार्गों पर सार्वजनिक परिवहन का अभाव है और इन मार्गों पर ट्रैफिक की राह में रोड़े भी हैं।
साथ ही पहले से भी वाहनों का दबाव है। टोंक रोड पर काम शुरू होने के साथ ही ट्रैफिक डायवर्जन होगा, जिससे जयपुर शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली इस सड़क पर आवागमन प्रभावित होगा। इसका सीधा असर जेएलएन मार्ग और अन्य समानांतर सड़कों पर पड़ेगा, जहां वर्तमान से 3 से 5 गुना तक ट्रैफिक बढ़ने की आशंका है।
शहर में पहले ही 35.9 लाख वाहन सड़कों पर हैं। पिछले पांच साल में 7 लाख वाहनों की बढ़ोतरी हो चुकी है। इनमें 71 फीसदी हिस्सेदारी दोपहिया वाहनों की है। सड़क नेटवर्क का विस्तार सीमित है और सार्वजनिक परिवहन अभी बेहद खराब है। ऐसे में मेट्रो निर्माण के दौरान बिना डायवर्जन प्लान के स्थिति और बिगड़ सकती है।
-जेएलएन मार्ग पर अत्यधिक दबाव
-प्रमुख चौराहों पर जाम की स्थिति
-सार्वजनिक परिवहन की कमी से निजी वाहन और बढ़ेंगे
-शहर में वार्षिक वाहन पंजीकरण 2020-21 में 28.6 लाख से बढकऱ 2024-25 में 35.9 लाख हो गए
-इनमें से 71 फीसदी दो पहिया वाहन और 20 फीसदी चार पहिया वाहनों का है हिस्सा
-दोपहिया वाहनों की वृद्धि दर 4.6 से 6.3 प्रतिशत प्रति वर्ष, कारों की संख्या में भी औसतन 5.5 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई है दर्ज
-सांगानेर से एसएमएस अस्पताल
-इस हिस्से में दुर्गापुरा, गोपालपुरा, रामबाग सर्कल, नारायण सिंह सर्कल और एसएमएस अस्पताल जैसे व्यस्त इलाकों में काम होगा।
-दुर्गापुरा से मानसरोवर का ट्रैफिक डायवर्ट किया जा सकेगा। वहीं, गोपालपुरा बाइपास की ओर ट्रैफिक डायवर्ट किया तो वहां और मुसीबत होना तय है। क्योंकि वहां पर पहले से ही एलिवेटेड रोड काम काम चल रहा है। रामबाग सर्कल से पहले सहकार मार्ग से डायरवर्जन बेहतर विकल्प हो सकता है।
अशोक मार्ग से चौमूं पुलिया: इस रूट में कलक्ट्रेट स्टेशन सर्कल से सवाई सिंह हाईवे पर प्रस्तावित है। इस रूट पर ट्रैफिक का दबाव भी अत्यधिक रहता है। इसके अलावा गवर्नमेंट हॉस्टल और पानीपेच पर प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन बनाने के दौरान यातायात प्रभावित होगा।
विद्याधर नगर सेक्टर-2 से टोड़ी मोड़ तक : सीकर रोड से बीआरटीएस कॉरिडोर हटने का फायदा मिलेगा। मौके पर सडक़ चौड़ी होने की वजह से यात्रियों की राह अन्य सडक़ों की तुलना में थोड़ा बेहतर रहने की उम्मीद है।
-टोंक रोड के ट्रैफिक को जगतपुरा-प्रताप नगर-खातीपुरा लिंक रोड की ओर डायवर्ट करना
-जेएलएन मार्ग के समानांतर अंदरूनी सड़कों को वन-वे कर ट्रैफिक फ्लो बढ़ाना
-गांधीनगर-बजाज नगर-दुर्गापुरा लिंक रोड का अधिक उपयोग
-भारी वाहनों को रिंग रोड/बाइपास की ओर शिफ्ट करना
-पीक आवर्स में सार्वजनिक बसों की संख्या बढ़ाना
-प्रह्लादपुरा से पिंजरापोल गोशाला: इस हिस्से में जल्द काम शुरू होगा।
-ट्रैफिक को जगतपुरा-प्रताप नगर-हल्दीघाटी मार्ग की ओर डायवर्ट करना होगा।
-सांगानेर में अंदरूनी सड़कों को दखते हुए प्लान तैयार करना होगा।
Updated on:
11 Apr 2026 08:09 am
Published on:
11 Apr 2026 06:46 am
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