
एसएमएस अस्पताल जयपुर। फाइल फोटो पत्रिका
राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। अस्पताल के गेट नंबर-3 पर देर रात करीब दो बजे भर्ती मरीज की पत्नी के साथ एक नशेड़ी युवक ने अभद्रता करते हुए धमकियां दी। पीड़िता के अनुसार युवक ने उससे कहा कि मेरी लुगाई बन जा, मेरे से शादी कर, नहीं मानी तो गोली मार दूंगा। घटना के समय महिला अस्पताल परिसर में अकेली थी और डर के कारण पूरी रात दहशत में रही। चौंकाने वाली बात यह रही कि घटना स्थल एसएमएस पुलिस थाने से महज 100 मीटर दूर था, बावजूद इसके महिला को कहीं से मदद नहीं मिली।
महिला ने बताया कि वह महुआ क्षेत्र की रहने वाली है और पिछले चार दिनों से अस्पताल में भर्ती परिजन की देखभाल कर रही है। इस दौरान कुछ असामाजिक तत्व लगातार उसे परेशान कर रहे थे। उसने कई बार अस्पताल के गार्डों को शिकायत भी दी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। पीड़िता ने कहा कि वह पढ़ी-लिखी नहीं है, इसलिए शायद उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। घटना के बाद महिला ने डर के कारण अस्पताल परिसर में दूसरी जगह जागकर रात बिताई।
घटना के बाद अस्पताल के सुरक्षा गार्डों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। महिला का आरोप है कि उसने कई बार आवाज लगाई, लेकिन कोई गार्ड मौके पर नहीं आया। अस्पताल में मौजूद अन्य लोगों ने भी आरोप लगाया कि कई सुरक्षा कर्मी ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन पर रील देखने में व्यस्त रहते हैं। रात के समय महिला मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ दी जाती है। लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में नशेड़ी और संदिग्ध लोग खुलेआम घूमते रहते हैं और कई बार सो रहे लोगों के मोबाइल और पर्स तक चोरी हो जाते हैं।
घटना ने एसएमएस थाना पुलिस की रात्रि गश्त की पोल भी खोल दी है। थाना बेहद नजदीक होने के बावजूद महिला को पूरी रात धमकियां मिलती रहीं और कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। ऐसे में आमजन की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है तो आम नागरिक आखिर भरोसा किस पर करें।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस दोनों सवालों के घेरे में हैं। लोगों ने मांग की है कि अस्पताल परिसर में रात के समय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए और नशेड़ियों के खिलाफ अभियान चलाया जाए। साथ ही गार्डों की जवाबदेही तय कर नियमित निगरानी की जाए। राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में हुई इस घटना ने सुरक्षा दावों की हकीकत उजागर कर दी है।
Updated on:
27 May 2026 11:18 am
Published on:
27 May 2026 11:08 am
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