अलवर

VIDEO: टोल प्लाजा निर्माण के विरोध में ग्रामीणों ने दिया धरना

मालाखेड़ा उपखंड क्षेत्र के स्टेट हाईवे 44 पर बीजवाड़ नरूका में बनने वाला टोल प्लाजा अब ग्रामीणों के विरोध के बाद भड़कोल पंचायत क्षेत्र में पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में बनाना शुरू हो गया है। इसके बनने से इस क्षेत्र के लोगों को दो जगह टोल चुकाना पड़ेगा। इसे लेकर ग्रामीण विरोध कर रहे हैं।

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Jun 28, 2025
मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन

मालाखेड़ा उपखंड क्षेत्र के स्टेट हाईवे 44 पर बीजवाड़ नरूका में बनने वाला टोल प्लाजा अब ग्रामीणों के विरोध के बाद भड़कोल पंचायत क्षेत्र में पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में बनाना शुरू हो गया है। इसके बनने से इस क्षेत्र के लोगों को दो जगह टोल चुकाना पड़ेगा। इसे लेकर ग्रामीण विरोध कर रहे हैं।


नटनी का बारा से चिमरावली मोड़ तक स्टेट हाईवे 44 के निर्माण करने वाली जयपुर की एजेंसी बीजवाड़ नरूका के बजाय अब भड़कोल में पीडब्ल्यूडी की भूमि पर टोल प्लाजा बदले हुए स्थान पर बनवाने के लिए आमादा है। इसके निर्माण के लिए पूरे दलबल के साथ तहसीलदार मालाखेड़ा, थाना अधिकारी और रोड बनाने वाले कंपनी के ठेकेदार मौके पर पहुंचे और वहां पर निर्माण कार्य शुरू कराया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग की जमीन जो पहले खातेदारी के लगती हुई थी। वे जोत रहे थे। अब हम छोड़ने को तैयार हैं, लेकिन यहां पर टोल प्लाजा का निर्माण नहीं किया जाए। टोल प्लाजा बनने पर दो टोल यहां के लोगों को चुकाना पड़ेगा, जिसका खामियाजा सभी लोगों को भुगतना पड़ेगा।

मौके पर धरना-प्रदर्शन कर विरोध जाते हुए हरेंद्र सिंह भड़कोल, शिवराम यादव, सफेदा खान, जगदीश यादव, जीतन सिंह, गिर्राजप्रसाद यादव, हरिसिंह यादव, करण सिंह, ऊदलराम, निक्की सिंह, रघुवीर यादव, विनोद जांगिड़, कालू यादव, देवीसहाय प्रजापत, बबूर यादव, सत्तूराम, निहाल सिंह, लाखन सिंह, भुवनेश यादव, धौलाराम यादव आदि ने बताया कि स्टेट हाईवे 44 पर भड़कोल में टोल प्लाजा डीपीआर में नहीं था। यह बीजवाड़ में था, लेकिन वहां के लोगों ने विरोध किया तो अब यहां पर जबरदस्ती से इसे बना रहे हैं। जिसकी लाठी उसकी भैंस वाली कहावत को प्रशासन और ठेकेदार कर रहा है। किसानों के हित के लिए कोई भी आगे नहीं आ रहा।

पैमाइश करा देंगे

सार्वजनिक निर्माण विभाग की जमीन है। वहां पर टोल प्लाजा बन रहा है। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार सार्वजनिक निर्माण विभाग की भूमि की पैमाइश पहले ही की जा चुकी है। ग्रामीण चाहे तो अपने खातेदारी की जमीन की पैमाइश करवा सकते हैं। -मेघा मीणा, तहसीलदार

Published on:
28 Jun 2025 11:57 am
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