अलवर

नीमराणा में पानी का संकट, टांकों पर लाखों खर्च, फिर भी नहीं बुझा रहे प्यास

वर्षा जल संजोने के लिए बनाए गए थे स्कूलों में

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Jul 10, 2018
water problem in neemrana alwar
नीमराणा में पानी का संकट, टांकों पर लाखों खर्च, फिर भी नहीं बुझा रहे प्यास

कुतीना. वर्षा जल को संजोकर रखने के लिए क्षेत्र के राजकीय विद्यालय में बनाए गए टांके देखरेख के अभाव में बेकार हो गए हैं। प्रत्येक राजकीय विद्यालय में लाखों रुपए खर्च कर टांकों का निर्माण कराया गया था। विद्यालय भवन के मोरों का पानी जो कि वर्षा के समय बेकार बहकर चला जाता था, को रोककर और फिल्टर कर इन टांकों में भरने की व्यवस्था की गई थी। टांके दो साल तो ठीक रहे और विद्यालयों को स्वच्छ जल का लाभ भी मिला, राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुतीना में भी चालीस हजार लीटर क्षमता का टांका लगभग तीन लाख रुपए खर्च कर पीएचइडी विभाग की ओर से तैयार किया गया था, जिसमें सभी मोरों का पानी दो फिल्टरों में डाला गया और फिर साफ पानी को जमीन में बने टांके में डालकर उसे हैण्डपम्प से बाहर निकलने की व्यवस्था की गई थी। उस समय कार्यरत स्टाफ सदस्य आनंद पाल सिंह व कृष्ण शर्मा बताते हैं कि टांके का पानी विद्यालय में वर्ष पर्यन्त काम में लेते थे, परंतु बाद में प्राथमिक विद्यालय के बालिका विद्यालय में समाहित होने के बाद इस विद्यालय परिसर में ताला लगा रहा और टांके की व्यवस्था पाइप आदि टूटने के कारण खराब हो गई। अब बालिका विद्यालय भी गत दिनों उच्च माध्यमिक विद्यालय में समाहित होने पर इस भवन का पुन: उपयोग होने लगा है, लेकिन टांका अभी भी बेकार है।

मरम्मत का प्रयास करेंगे

यह टांका पूर्व प्राथमिक विद्यालय परिसर में बनाया गया था , जो भवन अब हमारे पास है। टांका पीएचइडी विभाग ने बनाया था। जानकारी मिली है, मरम्मत के प्रयास करेंगे।
तरुण सिंह गौड़, प्रधानाचार्य, राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय कुतीना

हमारे विभाग ने तो उस समय ये टांके बनाकर विद्यालयों को हैण्डओवर कर दिए थे। ये उनकी संपत्ति है, हमारे पास अभी इनकी मरम्मत का कोई प्रावधान नहीं है।
-राजेंद्र यादव, सहायक अभियंता ,पीएचइडी नीमराणा

Published on:
10 Jul 2018 12:46 pm