Onion Rate : अलवर शहर की प्याज मंडी में गुरुवार को 40 हजार कट्टे प्याज की आवक हुई। बावजूद इसके लाल सोने के नाम से जाना जाने वाला अलवर का लाल प्याज किसानों को खून के आंसू रुला रहा है। जानिए क्या है वजह।
Onion Rate : लाल सोने के नाम से जाना जाने वाला अलवर का लाल प्याज किसानों को खून के आंसू रुला रहा है। एक वक्त था जब इस प्याज के दम पर किसान समृद्ध हो गया था। वर्ष 2023 में तो प्याज ने किसानों का कर्ज तक खत्म कर दिया था, लेकिन इस साल 2025 में हुई बम्पर फसल और बारिश से पड़े दाग ने किसान की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। हालत यह है कि लागत तक नहीं निकल पा रही है। ऐसे में किसान जेब से पैसा लगाकर प्याज बेचने को मजबूर है।
शहर की प्याज मंडी में गुरुवार को 40 हजार कट्टे प्याज की आवक हुई, लेकिन दाम 2 से 11 रुपए किलो रहा। व्यापारियों का कहना है कि आगे से डिमांड नहीं है। इस वजह से प्याज के दाम कम है। क्वालिटी भी बारिश से खराब हो गई है। पुराने प्याज का भारी स्टॉक पड़ा है। यह क्वालिटी में भी अच्छी है और महज 5 से 10 रुपए किलो बिक रहा है।
प्याज पर दाग लग गया है। यह ज्यादा दिन नहीं ठहरेगा। ऐसे में प्याज को बाहर भी नहीं भेजा जा सकता है। पुराने प्याज की क्वालिटी और सस्ता होने की वजह से नए प्याज की डिमांड कम है।
पप्पू भाई प्रधान, संरक्षक, फल-सब्जी मंडी आढ़तिया यूनियन
प्याज की फसल ने पूरी मेहनत करवाई, मगर दाम नहीं मिल रहे हैं। जेब से पैसा लगाकर 50 कट्टे प्याज लाया हूं, लेकिन दाम 200 से 400 मन मिल रहे हैं। बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। हनीफ, तेलिया बास, चांदोली
किसान की मेहनत बेकार गई। बारिश ने प्याज खराब कर दिया। मंडी में 59 कट्टे प्याज लाया हूं। मजदूरों को जेब से रुपए देने पड़ रहे। मजबूरी है खेत को खाली करना है।
सोहन लाल, कड़ुकी विजय मंदिर
खैरथल. शहर की नई अनाज मंडी परिसर स्थित प्याज मंडी में गुरुवार को किसान महापंचायत के बैनर तले किसानों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने प्याज के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को जल्द से जल्द हटाने और प्याज समेत सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) लागू करने की मांग को लेकर सरकार को आठ से दस दिन का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो किसान भूख हड़ताल पर बैठने और अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे।