Suicide Due to Cricket betting: अंबिकापुर में 10 दिन के भीतर यह दूसरी घटना, क्रिकेट में सट्टा लगाकर लाखों रुपए हार चुके युवा व्यवसायी ने डिप्रेशन में आकर की आत्महत्या
अंबिकापुर। क्रिकेट में सट्टा खेलवाने वाले बुकी लोगों से हर दिन लाखों-करोड़ों रुपए (Suicide Due to Cricket betting) लगवा रहे हैं। सट्टे की लत में लोग अपना बिजनेस तक चौपट कर ले रहे हैं। कर्ज की राशि इतनी ज्यादा बढ़ जा रही है कि आत्महत्या जैसा रास्ता अपना रहे हैं। सट्टे में लाखों रुपए हार चुके युवा अब जिंदगी की जंग हार रहे हैं। अंबिकापुर में भी कई लोग सट्टा खेलने के आदी हैं। इसी बीच सट्टे में करीब 1 करोड़ रुपए हार चुके शहर के सद्भावना चौक निवासी एक युवा व्यवसायी ने रविवार को जहर खाकर आत्महत्या (Suicide Due to Cricket betting) कर ली। पिछले 10 दिन में अंबिकापुर में यह दूसरी घटना है।
शहर के सद्भावना चौक निवासी आशीष गर्ग पिता प्रेमचंद गर्ग 43 वर्ष आशीष जनरल स्टोर्स नामक दुकान संचालित करता था। उसे क्रिकेट में सट्टा खेलने की लत (Suicide Due to Cricket betting) थी। बताया जा रहा है कि वह लाखों रुपए हार चुका था। उसके ऊपर करीब 1 करोड़ रुपए का कर्ज हो चुका था। इसी बीच रविवार को उसने जहर खा लिया।
यह बात जब उसकी पत्नी व अन्य परिजन को पता चली तो वे उसे लेकर शहर के होलीक्रॉस अस्पताल पहुंचे। यहां इलाज के दौरान रात में उसकी मौत हो गई। मृतक (Suicide Due to Cricket betting) के परिजन का कहना है कि उसका बिजनेस भी ठीक नहीं चल रहा था।
वह अपने पिता से अलग अपनी पत्नी व 2 बच्चों के साथ रहता था। कर्ज से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। पुलिस को मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट (Suicide Due to Cricket betting) नहीं मिला है।
मृतक के भाई का कहना है कि आशीष (Suicide Due to Cricket betting) पहले भी कुएं में कूदकर आत्महत्या की कोशिश कर चुका था। उस दौरान कुआं संकरा होने की वजह से वह उसमें फंस गया था, जिसके बाद उसे निकाल लिया गया था। उस समय भी उसके ऊपर लाखों रुपए कर्ज थे। पिता ने उसकी आर्थिक मदद भी की थी, लेकिन वह संभल नहीं सका।
अंबिकापुर में क्रिकेट सट्टा में लाखों रुपए गंवाने (Suicide Due to Cricket betting) की वजह से पिछले 10 दिन के भीतर 2 युवा व्यवसायियों ने आत्महत्या की है। इसके पूर्व 8 मई को शहर के पुराना बस स्टैंड काली मंदिर के सामने स्थित अंश ड्राईफू्रूट्स के संचालक संदीप अग्रवाल 40 वर्ष ने जहर खा लिया था। उसने पिता व पत्नी के नाम 2 सुसाइड नोट भी छोड़ा था।