
अंबिकापुर. 15 वर्षीय एक किशोरी अपनी मां के साथ जमीन पर सो रही थी। अलसुबह वह अचानक उठ गई और मां से बोली, पैर में दर्द हो रहा है। मां ने देखा तो पैर में सांप डसने के निशान थे। यह देखते ही घर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उसे परिजन बैगा के पास लेकर चले गए।
यहां बैगा द्वारा सुबह से दोपहर तक उसका झाडफ़ूंक किया गया। जब हालत और बिगड़ गई तो उसे अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान रविवार की दोपहर उसकी मौत हो गई।
बलरामपुर जिले के त्रिकुंडा थाना अंतर्गत ग्राम चेरा निवासी दुर्गावती पिता ईश्वर प्रसाद उम्र 15 शनिवार की रात खाना खा कर अपने मां के साथ सो रही थी। भोर में करीब 5 बजे उसे सांप ने डस लिया।
परिजन किशोरी को अस्पताल ले जाने की बजाय बैगा के पास लेकर गए। बैगा सुबह से दोपहर तक पीडि़ता का झाडफ़ूंक करता रहा। इससे पीडि़ता की हालत और बिगड़ गई। तब परिजन उसे उपचार के लिए अंबिकापुर लेकर आए और शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिये।
यहां पीडि़ता की इलाज के दौरान रविवार दोपहर मौत हो गई। बेटी की मौत से माता-पिता व अन्य परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में भी मातम पसरा हुआ है।