
अंबिकापुर। राज्य शासन द्वारा एनालॉग पनीर (Analog Paneer) एवं अन्य गैर-दुग्ध उत्पाद जैसे खाद्य पदार्थों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। प्रतिबंध के बाद सरगुजा जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने विशेष जांच अभियान शुरु कर दिया है। अभियान के तहत रविवार को अंबिकापुर के नए बस स्टैंड पर कार्रवाई करते हुए राजहंस ट्रेवल्स की यात्री बस से प्रतिबंधित श्रेणी का करीब डेढ़ क्विंटल एनालॉग पनीर जब्त किया। मामले में अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरु कर दी गई है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम रविवार सुबह करीब 5 बजे नए बस स्टैंड पहुंची और बसों सहित अन्य वाहनों की सघन जांच की। इस दौरान राजहंस ट्रेवल्स की बस से प्रतिबंधित श्रेणी का पनीर परिवहन (Fake paneer transporting) करते पाया गया। पनीर बस की डिक्की में रखा हुआ था। टीम ने तत्काल नकली पनीर जब्त कर कार्रवाई की।
राज्य शासन ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 30(2)(क) के तहत पूरे छत्तीसगढ़ में अमानकीकृत डेयरी एनालॉग (एनालॉग पनीर) तथा अन्य गैर-दुग्ध लेकिन दुग्ध उत्पाद जैसे खाद्य पदार्थों के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया है। यह आदेश 31 जुलाई को राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ लागू हो गया है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान केवल नए बस स्टैंड तक सीमित नहीं रहेगा। जिले में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों और सीमावर्ती क्षेत्रों में भी बस, मालवाहक वाहन, जीप समेत अन्य परिवहन साधनों की नियमित और आकस्मिक जांच की जाएगी, ताकि प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों की आवाजाही रोकी जा सके।
विभाग ने डेयरी उत्पादों के थोक एवं खुदरा विक्रेताओं तथा अन्य खाद्य कारोबारियों को नोटिस जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं। कारोबारियों से कहा गया है कि वैध स्रोत, क्रय बिल और आपूर्तिकर्ता की जानकारी के बिना किसी भी प्रकार का पनीर (Paneer) या दुग्ध उत्पाद न खरीदें और न बेचें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने बस संचालकों, ट्रांसपोर्टरों और परिवहन एजेंसियों से प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के परिवहन में सहयोग नहीं करने की अपील की है। साथ ही आम नागरिकों से भी अनुरोध किया गया है कि कहीं भी प्रतिबंधित या संदिग्ध एनालॉग पनीर के निर्माण, भंडारण, परिवहन या बिक्री की जानकारी मिलने पर तत्काल विभाग को सूचित करें।
एनालॉग पनीर ऐसा उत्पाद है जो देखने, छूने और उपयोग में सामान्य पनीर (Fake paneer news) जैसा लगता है, लेकिन यह पूरी तरह या मुख्य रूप से दूध से नहीं बनाया जाता। इसमें दूध की जगह या उसके साथ वनस्पति तेल (पाम ऑयल आदि), स्टार्च, प्रोटीन पाउडर, इमल्सीफायर, फ्लेवर और अन्य खाद्य योजक मिलाकर पनीर जैसा उत्पाद तैयार किया जाता है। इसका उपयोग अक्सर लागत कम करने के लिए किया जाता है।
पोषण मूल्य असली पनीर की तुलना में कम हो सकता है। अधिक मात्रा में संतृप्त वसा या पाम ऑयल होने पर हृदय स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। मिलावटी या खराब गुणवत्ता वाले उत्पाद से फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है। संवेदनशील लोगों में एलर्जी या पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। उपभोक्ता को असली पनीर के नाम पर धोखा देकर आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है।