
अंबिकापुर। जमीन बेचने के नाम पर सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र अंतर्गत निवासी 65 वर्षीय एक बुजुर्ग से 18 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। 3 जमीन कारोबारियों ने बुजुर्ग की जमीन का 2 बार बिक्री अनुबंध कराया (Land fraud) और बाद में 18 लाख रुपए का चेक लेकर रकम निकाल ली। रकम मांगने पर बुजुर्ग को धमकाया गया। वहीं कहा गया कि यदि वह थाने में शिकायत करेगा तो उसे जेल भेज दिया जाएगा, क्योंकि जमीन का 2 बार अनुबंध हो चुका है। पीडि़त की रिपोर्ट पर अंबिकापुर कोतवाली पुलिस ने 3 आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र के पाठकपुर निवासी रामनाथ यादव (65) की जमीन अंबिकापुर से लगे ग्राम चिखलाडीह में है। वह उक्त जमीन को बेचना चाहता था। इसी दौरान उसका परिचय ग्राम रनपुर निवासी मो. इस्लाम अंसारी, संजय पार्क कॉलोनी निवासी किशन तिवारी और दर्रीपारा निवासी अनिकेत चौधरी से हुआ। तीनों ने जमीन बिक्री में मदद करने का भरोसा दिलाया।
10 अक्टूबर 2025 को उप पंजीयक कार्यालय में रंजू देवी के नाम जमीन बिक्री का अनुबंध कराया गया। इसके करीब 2 महीने बाद 3 दिसंबर 2025 को तीनों ने दुखु खमारी को 50 लाख रुपए में जमीन बेचने (Ambikapur land fraud case) का सौदा तय होने की बात कही। इस दौरान उप पंजीयक कार्यालय में दोबारा बिक्री अनुबंध कराया गया। दुखु खमारी ने जमीन मालिक रामनाथ यादव के नाम 18 लाख रुपए का चेक दिया।
रामनाथ का आरोप है कि तीनों आरोपियों ने उससे 18 लाख रुपए का चेक ले लिया। इसके बाद उसे बताया गया कि जमीन का 2 बार अनुबंध हो चुका है और उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। आरोपियों (Land fraudent) ने पुलिस में शिकायत करने पर जेल भेजने की धमकी भी दी। इसके बाद चेक के माध्यम से 18 लाख रुपए की रकम खाते से निकाल ली गई।
आरोप है कि रकम निकालने के बाद आरोपियों ने रामनाथ को बताया कि 18 लाख रुपए में से 9 लाख रुपए पुलिस को, 5 लाख रुपए कलेक्टर के बाबू को और 4 लाख रुपए उप पंजीयक को दिए गए हैं। साथ ही उसे आश्वासन दिया गया कि जमीन की रजिस्ट्री के समय मिलने वाली शेष रकम उसे दे दी जाएगी।
आरोपियों की हरकतों से बुजुर्ग को एहसास हो गया था कि उसके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। फिर उसने मामले की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई। रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी मोहम्मद इस्लाम अंसारी, अनिकेत चौधरी और किशन तिवारी के खिलाफ धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।