अंबिकापुर

3 भालुओं ने जंगल में ग्रामीण को कर दिया लहूलुहान, बेहोश हुआ तो मरा समझकर छोड़ भागे

मवेशी चराकर शाम को वापस लौटने के दौरान मादा भालू ने अपने दो शावकों के साथ कर दिया था हमला, गंभीर
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Updated: 19 Feb 2018, 3:08 PM IST
Injures Villager
Injures villager

अंबिकापुर. जंगल से मवेशी चराकर वापस लौट रहे अधेड़ ग्रामीण पर मादा भालू व उसके 2 शावकों ने हमला कर दिया। इससे ग्रामीण गंभीर रूप से जख्मी होकर मौके पर ही बेहोश हो गया। इसके बाद भालू ग्रामीण को मरा समझकर जंगल की ओर भाग गए। वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने परिजनों को जानकारी दी और उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों के कहने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र स्थित ग्राम उदरसरई निवासी 55 वर्षीय ठोरको नगेशिया पिता जेठू नगेशिया शनिवार को मवेशी चराने जंगल में गया था। दिनभर मवेशी वहां चरते रहे और ठोरको वहीं बैठकर उन्हें देखता रहा। शाम को वह मवेशियों को लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान मादा भालू व उसके 2 शावक निकल आए और अचानक ठोरकों पर हमला कर दिया।

वह कुछ समझ पाता उससे पहले भालुओं ने उसके सिर, चेहरे सहित शरीर के अन्य हिस्से को अपने पैने नाखूनों से नोंचकर लहूलुहान कर दिया। शरीर से खून निकल जाने से वह बेहोश होकर वहीं पर गिर गया। जब भालुओं को लगा कि वह मर गया है तो वे उसे वहीं छोड़कर जंगल की ओर भाग गए। भालुओं के भागने के बाद गांव के ही कुछ लोग वहां पहुंचे और घटना की जानकारी परिजन को दी।

परिजन तत्काल वहां पहुंचे और गंभीर रूप से घायल ठोरको को उठाकर शंकरगढ़ स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। यहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया है। यहां उसका इलाज जारी है। उसकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।


भालुओं का है आतंक
अविभाजित सरगुजा संभाग के जंगल में भालुओं का आतंक हैं। भालू कभी-कभार गांव की ओर भी घुस आते हैं। जंगल में मवेशी चराने के दौरान कई ग्रामीणों को उन्होंने जहां मौत के घाट उतार दिया है, वहीं कई गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।

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