
अंबिकापुर। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज स्थित एक निजी धर्मशाला के कमरा नंबर 205 में छापामार कार्रवाई कर वन विभाग की संयुक्त टीम ने वन्य जीव की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 3 सदस्यों (Wildlife smugglers arrested) को गिरफ्तार किया है। तस्करों से टीम ने हाथी के 3 जबड़े जब्त किए हैं। गिरफ्तार तस्करों में एक झारखंड से हाथी के जबड़े लेकर यहां सप्लाई करने पहुंचा था। अन्य 2 आरोपी रामानुजगंज के रहने वाले हैं। वन विभाग की टीम ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। बता दें कि सप्ताहभर के भीतर वन्यजीव तस्करी के खिलाफ वन विभाग की संयुक्त टीम की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पूर्व सूरजपुर जिले में बाघ की खाल के साथ 3 आरोपी दबोचे गए थे।
वन विभाग (Balrampur forest team) द्वारा वन्यजीव का तस्करी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। इसी बीच बलरामपुर वन विभाग की संयुक्त टीम को 3 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली कि रामानुजगंज स्थित एक निजी धर्मशाला में 3 लोग वन्यजीव के अंगों की तस्करी करने रुके हैं। सूचना मिलते ही टीम ने धर्मशाला के कमरा नंबर 205 में छापा मारा।
इस दौरान 3 लोग संदिग्ध हालत में मिले। उनके पास रहे सामान की तलाशी ली गई तो हाथी के 3 जबड़े बरामद हुए। पूछताछ में तीनों कोई जवाब नहीं दे सके। इसके बाद उनके कब्जे से हाथी के 3 जबड़े बरामद कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
वन विभाग ने तीनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 48(क) 50, 51 एवं 52 के तहत अपराध दर्ज किया। टीम ने तीनों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामानुजगंज के न्यायालय में पेश किया, जहां से तीनों को जेल (Smugglers sent jail) भेज दिया गया।
वन विभाग की टीम ने जिन 3 तस्करों को गिरफ्तार किया है, उनमें झारखंड के पलामू जिला के नवाबाजार थाना अंतर्गत ग्राम कंडा तुकबेरा निवासी संतोष कुमार विश्वकर्मा 34 वर्ष, रामानुजगंज निवासी अजय कुमार गुप्ता 49 वर्ष व संतोष कुमार रजक 50 वर्ष शामिल हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी संतोष कुमार विश्वकर्मा झारखंड से हाथी के जबड़े (Elephants Jaw) लेकर यहां पहुंचा था। वह अन्य 2 आरोपियों के साथ मिलकर हाथी के जबड़ों की बिक्री करने आया था। मामले में संलिप्त अन्य लोगों के संबंध में भी टीम पता लगा रही है।
बता दें कि इससे पूर्व बाघ की खाल (Tiger skin) और पैंगोलिन के शल्क के साथ 3 तस्करों को वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो भोपाल की टीम ने सूरजपुर वन विभाग की टीम के साथ मिलकर 6 दिन पहले ही दबोचा था। इसके बाद वन विभाग की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है।