
अंबिकापुर. शहर के घुटरापारा स्थित एक भूमि की फर्जी रजिस्ट्री कर करीब 30 लाख रुपए की धोखाधड़ी (Land fraud) करने वाले 3 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने वर्ष 1962 में मृत हो चुके भूमि स्वामी के स्थान पर दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर उसका फर्जी आधार कार्ड तैयार कराया और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री करा दी। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी रामनिवास गुप्ता उर्फ बोखा के अलावा 2 महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
मामले की शिकायत भाजपा नेता आलोक दुबे ने की थी। जांच में पता चला कि घुटरापारा (मौजा मायापुर) स्थित खसरा नंबर 356/2, रकबा 0.065 हेक्टेयर भूमि राजस्व रिकॉर्ड में मोहरसाय (नोहरसाय) राजवाड़े के नाम दर्ज थी, जिनकी मृत्यु वर्ष 1962 में हो चुकी थी। इसके बावजूद आरोपियों ने एक व्यक्ति को मृतक बताकर उसकी झूठी पहचान स्थापित की और फर्जी दस्तावेजों के सहारे 25 सितंबर 2025 को जमीन की पहली रजिस्ट्री (Fake Registry) करा दी।
जांच में सामने आया कि जिस व्यक्ति को मोहरसाय राजवाड़े बताकर पंजीयन कार्यालय ले जाया गया, वह वास्तव में अमर सिंह था। आरोपियों ने उसके आधार कार्ड में कूटरचना कर नाम बदलकर फर्जी पहचान पत्र तैयार किया और उसी के आधार पर विक्रय विलेख निष्पादित करा दिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जमीन का सौदा बंटी पटेल उर्फ वर्षित पटेल ने कराया था।
बाद में इसी जमीन को करीब 30 लाख रुपए में मोहम्मद नियाजुल होदा, गुलाम सरवर और विशाल गुप्ता के नाम विक्रय कर आर्थिक लाभ प्राप्त किया गया। जांच में यह भी पता चला कि बिक्री की राशि का कुछ हिस्सा पहले खरीदारों को दिया गया, जबकि शेष रकम मुख्य साजिशकर्ता द्वारा रखी गई। बंटी पटेल उर्फ वर्षित (Land fraud accused) को पुलिस ने 2 अगस्त को जेल भेज दिया है।
विवेचना के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी रामनिवास गुप्ता उर्फ बोखा (41) निवासी नवागढ़ के अलावा पायल पटेल व पुष्पा पटेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपियों के बयान के आधार पर रजिस्ट्री में उपयोग किए गए चेक, चेकबुक और रियल एस्टेट कंपनी का मोबाइल फोन जब्त किया गया।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार उनके खिलाफ धारा 61(2), 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत कार्रवाई कर जेल दाखिल कर दिया है। वहीं अन्य आरोपियों की तलाश पुलिस कर ही है।