अंबिकापुर

Ambikapur Akshat Agrawal Murder Case: बहुचर्चित अक्षत अग्रवाल हत्याकांड में 2 साल बाद आया फैसला, 3 गोलियां मारने वाले संजीव मंडल को आजीवन कारावास

Akshat Agrawal Murder Case: अंबिकापुर के मनेंद्रगढ़ रोड निवासी 23 वर्षीय अक्षत अग्रवाल की अगस्त 2024 में गोली मारकर की गई थी हत्या, आरोपी ने कहा था- अक्षत ने खुद कहा था गोली मारने
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Akshat Agrawal Murder Case Ambikapur
Ambikapur Akshat Agrawal Murder Case, अक्षत अग्रवाल की उसकी कार में मिली थी लाश (Photo- Patrika)

अंबिकापुर। शहर के मनेंद्रगढ़ रोड निवासी अंबिका स्टील के संचालक महेश केडिया के 23 वर्षीय पुत्र अक्षत अग्रवाल की 20 अगस्त 2024 की शाम गोली मारकर हत्या (Akshat Agrawal shot dead) कर दी गई थी। उसका शव 21 अगस्त को उसी की कार में शहर से लगे चठिरमा के जंगल में मिला था। इस मामले में पुलिस ने अंबिका स्टील के ही पूर्व कर्मचारी संजीव मंडल उर्फ भानू बंगाली को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने दावा किया था कि अक्षत ने खुद उसे गोली मारने की सुपारी दी थी। वह खुद 3 पिस्टल और 31 कारतूस लेकर आया था। पहली गोली खुद अक्षत ने चलाई थी, इसके बाद उसने उसके सीने में 2 गोलियां मारी थी। इस मामले में 2 साल तक चली सुनवाई और 33 गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

Ambikapur Akshat Agrawal Murder Case, मृतक अक्षत अग्रवाल (Photo- Patrika)

बता दें कि आरोपी संजीव मंडल उर्फ भानू बंगाली को पुलिस ने 21 अगस्त को ही हिरासत में ले लिया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 3 पिस्टल और 31 कारतूस बरामद किए थे। वहीं उसके पास से 50 हजार रुपए कैश, अक्षत अग्रवाल के सोने की चेन, बे्रसलेट और अंगूठी भी मिली थी। आरोपी का कहना था कि अक्षत ने खुद उसे अपनी हत्या (Akshat Agrawal murder) करने की सुपारी दी थी।

उसने कहा था कि यदि वह उसकी हत्या करेगा तो उसे कैश समेत सोने की चेन, ब्रेसलेट व अंगूठी उसकी हो जाएगी। कार की ड्राइविंग सीट पर बैठे अक्षत ने उसे गोली मारने कहा था। पिस्टल से पहली गोली जब उसने चलाई तो नहीं चली, इस पर अक्षत ने ट्रिगर दबा दिया जो उसके सीने में लगी। इसके बाद उसने 2 गोली मारी।

Ambikapur Akshat Agrawal Murder Case, हत्या का दोषी संजीव मंडल उर्फ भानू बंगाली (Photo- Patrika)

पुलिस (Surguja Police) ने आरोपी का नार्को, पॉलीग्राफ और ब्रेन मैपिंग टेस्ट भी कराया था, लेकिन उसमें घटनास्थल पर आरोपी व मृतक के अलावा किसी और के मौजूद होने की पुष्टि नहीं हो पाई।

Lifetime Imprisonment: मिली आजीवन कारावास की सजा

अतिरिक्त लोक अभियोजक विनोद कुमार दुबे के अनुसार अक्षत अग्रवाल हत्याकांड मामले (Akshat Agrawal) की सुनवाई सप्तम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश महेश कुमार राज के कोर्ट में हुई।

2 साल तक चली सुनवाई और पुलिस अधिकारियों, जवानों, फॉरेंसिक एक्सपर्ट, डॉक्टर, परिजन व दोस्तों समेत 33 गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को बीएनएस की धारा 103 (1) के तहत आजीवन सश्रम कारावास व आम्र्स एक्ट की धारा 25-27 के तहत 5 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसमें वह करीब 2 वर्ष की सजा काट चुका है।

Updated on:
18 Aug 2026 01:26 pm
Published on:
18 Aug 2026 01:26 pm