अंबिकापुर

Ambikapur News: महिला ने किया प्रेम विवाह तो समाज ने तोड़ लिया था नाता, मौत के बाद भी जारी रहा बहिष्कार, महापौर ने कराया अंतिम संस्कार

Ambikapur Unique news: अंबिकापुर के वार्ड क्रमांक 4 स्थित शंकरनगर की घटना, महिला की मौत के बाद भी अंतिम संस्कार नहीं करने आया कोई, महापौर बोली- ऐसा समाज किस काम का।
2 min read
Mayor funeral woman in Ambikapur
Ambikapur news, अंबिकापुर मेयर मंजूषा भगत ने कराया अंतिम संस्कार (Photo- Patrika)

अंबिकापुर। पति की मौत के बाद एक महिला ने सालों पहले दूसरे समाज के व्यक्ति के साथ प्रेम विवाह कर लिया था। इसके बाद उसके परिवार समेत समाज के लोगों ने उससे नाता तोड़ते हुए उसका बहिष्कार (Boycott of woman) कर दिया था। यह बहिष्कार उसकी मौत के बाद भी जारी रहा। महिला की 75 वर्ष की आयु में मौत होने के बाद न तो परिवार और न उसके समाज के लोगों ने उसका अंतिम संस्कार किया। यह बात जब अंबिकापुर महापौर मंजूषा भगत को पता चली तो उन्होंने ससम्मान उसका अंतिम संस्कार कराया। महापौर ने कहा कि ऐसा समाज किस काम का, जो अंतिम संस्कार तक न करे।

अंबिकापुर के वार्ड क्रमांक 4 स्थित शंकरनगर निवासी सावित्री बाई के पति की मौत सालों पहले हो चुकी थी। इसके बाद उसने घरवालों के विरुद्ध जाकर दूसरे समाज के एक व्यक्ति से प्रेम विवाह कर लिया था। ऐसे में घर-परिवार के अलावा उसके समाज के लोगों ने उसका बहिष्कार कर दिया था। समय गुजरने के साथ उसका बहिष्कार (Boycott till death) जारी रहा।

Ambikapur news, महिला जिसकी मौत हुई (Photo- Patrika)

परिवार से लेकर समाज के लोग उससे इतना नाराज थे कि 75 वर्ष की उम्र में उसकी मृत्यु होने के बाद भी कोई सामने नहीं आया। जब महापौर को यह बात पता चली तो उन्होंने निगम की जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर महिला के सामाजिक परंपरा के अनुसार उसका ससम्मान अंतिम संस्कार कराया। इस दौरान वे खुद वहां मौजूद रहीं।

Mayor funeral woman: ऐसा समाज किस काम का

बताया जा रहा है कि महिला ने जिस व्यक्ति से प्रेम विवाह किया था, वह उसका अंतिम संस्कार करना चाहता था, लेकिन उसके भी घर वालों ने उसे मना कर दिया। इस संबंध में महापौर मंजूषा भगत (Ambikapur Mayor Manjusha Bhagat) ने बताया कि जब उन्हें यह बात पता चली तो वे तत्काल महिला के घर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने ससम्मान उसका अंतिम संस्कार कराया। महिला की कोई संतान नहीं है।

महापौर ने कहा कि जब समाज को कोई व्यक्ति ऐसे समय में भी खड़ा न हो तो वह समाज उसके किस काम का है। उन्होंने बताया कि जब उन्हें यह बात पता चली कि महिला का अंतिम संस्कार उसके जाति व समाज के लोग नहीं करना चाहते हैं, तो उन्होंने यह कदम उठाया।

Updated on:
31 Jul 2026 05:22 pm
Published on:
31 Jul 2026 05:22 pm